प्रधानाचार्य ने क्या कहा?
प्रधानाचार्य पार्थप्रतिम बैद्य ने कहा, "हम एक जाना-माना सरकारी स्कूल हैं और हमने अपने छात्रों के बीच कभी भी धार्मिक कट्टर विचार नहीं डाले हैं। हम भारत की समावेशिता में विश्वास करते हैं, जहां छात्रों को किसी एक धर्म के सिद्धांत नहीं सिखाए जा सकते। मौजूदा स्थिति को देखते हुए, मेरा मानना है कि कुछ तत्वों ने परेशानी खड़ी करने के लिए यह पत्र और पार्सल भेजा हो सकता है।"
उन्होंने कहा कि इस कदम के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाना पुलिस का काम है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल की इमारत जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर के पास है, जहां छात्रों के दो समूहों के बीच पहले टकराव हो चुके हैं। ऐसे में स्कूल किसी तरह की परेशानी नहीं चाहता, क्योंकि यहां हजारों बच्चे पढ़ते हैं।