1- सॉफ्टवेयर बनाने का ख्याल कैसे आया...?
मुझे बचपन से ही गाने का शौक था। नई–नई भाषाओं के गाने सुनना और उनकी प्रैक्टिस करना मुझे बेहद पसंद था। एक बार मेरा गला खराब हो गया। बहुत कोशिश करने के बाद भी मैं नहीं गा पाया। उसी वक्त मेरे दिमाग में एक सॉफ्टवेयर बनाने का आइडिया आया। मैं 10वीं कक्षा में था, जब मुझे ये आइडिया आया। चूंकि मेरे पापा-मम्मी बरेली रहते हैं इसलिए मैंने अपने मामा से मदद मांगी। उन्होंने मुझे हर वो चीज लाकर दी, जिसकी मुझे जरूरत थी।
2- ये सॉफ्टवेयर कैसे काम करता है?
स्क्रीन पर कुछ पंक्तियां दिखाई देंगी, जिन्हें आपको 1 से 2 मिनट के अंदर पढ़ना है। ऐसा करने पर आपकी आवाज उस सॉफ्टवेयर में रिकॉर्ड हो जाएगी। उसके बाद आप जो भी गाना अपनी आवाज में सुनना चाहें, उसे सर्च कर आप आनंद उठा सकते हैं।
3- आपकी भविष्य की योजनाएं क्या हैं?
अभी मेरा पूरा ध्यान इस प्रतियोगिता में है। मैं सॉफ्टवेयर फील्ड में अपना करियर बनाना चाहता हूं।
शिवम ने बताया कि इस तरह के सॉफ्टवेयर चीन की कुछ कंपनियां करोड़ों-अरबों देकर बनवाती हैं। पर शिवम ने कुल एक लाख से भी कम में इस सॉफ्टवेयर को बनाकर दिखाया।
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