दिल्ली विश्वविद्यालय के स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए हाईकोर्ट ने आवेदन प्रक्रिया को 22 जून तक बढ़ाने का आदेश दिया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के यूजी प्रवेश मानदंड़ों को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को निर्देश दिया कि वह 2018-19 की पात्रता मानदंडों के आधार पर 2019-2020 सत्र के लिए छात्रों को स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन करने की अनुमति दें।आपको बता दें कि जस्टिस अनु मल्होत्रा और तलवंत सिंह की खंडपीठ ने डीयू में स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने के लिए छात्रों की समय सीमा 14 जून से बढ़ाकर 22 जून कर दी है।
कोर्ट के आदेशानुसार अब डीयू को बीते साल के योग्यता मानदंडों के आधार पर आवेदन प्रक्रिया करनी होगी।
इसके कारण पूरी आवेदन प्रक्रिया पर असर पड़ेगा। सबसे ज्यादा असर उन छात्रों पर पड़ेगा जो इस साल के योग्यता मानकों के अनुसार आवेदन कर चुके हैं। अब उन्हें संशय है कि क्या उन्हें नए सिरे से आवेदन करना होगा या फिर जो आवेदन किया है उसी में ही बदलाव करने की सुविधा दी जाएगी। फिलहाल इस पर कोई भी अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहा है।
कोर्ट के फैसले के कारण कट ऑफ शेड्यूल पर भी असर पड़ेगा। दरअसल, आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद पहली कट ऑफ 20 जून को आनी थी। अब चूंकि कोर्ट ने 22 जून तक आवेदन तिथि बढ़ाने को कहा है। ऐसे में पूरे कट ऑफ शेड्यूल पर असर होगा। ऐसी संभावना है कि डीयू नए सिरे से कट ऑफ शेड्यूल जारी करे।
डीयू की प्रक्रिया प्रभावित होने का असर सेंट स्टीफेंस और जीसस एंड मैरी की आवेदन प्रक्रिया पर भी पड़ेगा क्योंकि वहां आवेदन करने से पहले डीयू एडमिशन पोर्टल पर पंजीकरण कराना होता है।
मालूम हो कि जीसस एंड मेरी में शुक्रवार को आवेदन प्रक्रिया समाप्त होनी थी। जबकि स्टीफेंस में आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जून है। वहीं 14 जून रात साढ़े आठ बजे तक 3.37 लाख छात्र स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने के लिए आवेदन कर चुके हैं। इनमें से 2.34 लाख छात्र अपनी फीस का भुगतान कर पंजीकरण पक्का करा चुके हैं।