जलवायु परिवर्तन कोई आम समस्या नहीं है। इसके कुछ प्रभावों को वर्तमान में भी महसूस किया जा सकता है। जहां पृथ्वी के तापमान में वृद्धि होने से हिमनद पिघल रहे हैं वहीं महासागरों का जल स्तर बढ़ता जा रहा है। प्राकृतिक आपदाओं का बढ़ना और कुछ द्वीपों के डूबने का खतरा भी इस जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ गया है।
अनंत नेशनल यूनिवर्सिटी ने जलवायु परिवर्तन पर फेलोशिप के तहत एमआईटी सॉल्व के साथ अपनी सदस्यता की घोषणा की है। बता दें कि ये मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, यूएसए की एक पहल है। इससे दुनिया भर में आ रही प्राकृतिक आपदाओं के लिए सामाधान निकाले जा सकेंगे।
इस एसोशिएशन के तहत फेलोशिप की क्षमता को मजबूत किया जाएगा। ताकि वैश्विक समाधान के लिए तकनीकी जानकारियों का उपयोग किया जा सके और जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा की कमी और अपर्याप्त आश्रय जैसी कमियों का मुकाबला करने के लिए संसाधन विकसित किए जा सकें।
फैलोशिप के तहत खाद्य सुरक्षा, निर्भरता और जलवायु परिवर्तन उभर रही चुनौतियों को हल करने के लिए पूरे विश्व में स्टार्टअप्स के जरिए इस काम को आगे बढ़ावा देना है।
जलवायु परिवर्तन के कारण भविष्य की चुनौतियों से अवगत कराया जाएगा साथ ही यह बताया जाएगा कि इससे निपटा कैसे जा सके। क्लाइमेट एक्शन का यह फेलोशिप भारत का पहला और अलग प्रयास है। एमआईटी सॉल्व की सद्सया केवल उन्हें मिल सकती है जिन्हे इसके लिए आमंत्रित किया गया हो।
क्लाइ एक्शन के लिए फेलोशिप की अधिक जानकारी के लिए इस वेबसाइट
www.anu.edu.in/fellowship-for-climate-action/ पर जा सकते है। आवेदन करने की आखिरी तारीख 15 मई 2020 है।