राज्यपाल ने महाभारत से दिया उदाहरण
उन्होंने महाभारत का एक प्रसंग भी सुनाया, जब अर्जुन अपने ही परिजनों से युद्ध करने को लेकर दुविधा में थे और श्रीकृष्ण ने उन्हें धर्म का पालन करने की सीख दी थी। अर्लेकर ने कहा कि जब संस्कृति पर आघात होता है, तब सही रास्ता चुनना कठिन हो जाता है, ऐसे समय में गुरु की सीख ही मार्गदर्शन करती हैं।
सीमाओं से परे गुरु की शिक्षाएं: राज्यपाल
राज्यपाल ने यह भी कहा कि श्री नारायण गुरु की शिक्षाएं किसी एक राज्य तक सीमित नहीं हैं। देश ही नहीं, विदेशों में भी उनके अनुयायी हैं क्योंकि गुरु के सिद्धांत सीमाओं में बंधे नहीं हैं, वे पूरी मानवता के लिए हैं। उनकी सीख मानव समाज की धरोहर हैं। हमें गर्व होना चाहिए कि ऐसे महान संत हमारे बीच रहे।