वी. शिवनकुट्टी
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Kerala Universities Controversy: केरल के जनरल एजुकेशन मंत्री वी. सिवनकुट्टी ने शनिवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने से बचती है, तो राज्य सरकार को राज्यपाल से समझौता करने में कोई आपत्ति नहीं है। यह बयान उन सवालों के जवाब में आया जब उनसे पूछा गया कि क्या राज्य सरकार और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के बीच विश्वविद्यालयों के संचालन को लेकर विवाद खत्म हो गया है।
मंत्री सिवनकुट्टी ने कहा, “हम चाहते हैं कि राज्य की सभी यूनिवर्सिटीज सुचारु रूप से चलें। लेकिन राज्यपाल या कुछ कुलपतियों के बारे में यह नहीं कहा जा सकता। उनका इरादा उच्च शिक्षा प्रणाली को बाधित करने का है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि केरल की उच्च शिक्षा प्रणाली देश की सर्वश्रेष्ठ अकादमिक व्यवस्थाओं में से एक है और यहां विदेशों से भी छात्र पढ़ने आते हैं। इसलिए शिक्षा व्यवस्था में कोई अवरोध न आए, यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
कुलपति और राज्यपाल के बीच विवाद की पृष्ठभूमि
हाल ही में केरल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के.एस. अनिल कुमार को निलंबित किया गया, जब उन्होंने एक निजी धार्मिक कार्यक्रम को रद्द करने का प्रयास किया था। यह कार्यक्रम राज्यपाल द्वारा विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में आयोजित किया गया था, जहां भारत माता की भगवा झंडा लिए चित्र भी प्रदर्शित था। इस घटना के बाद वामपंथी छात्र और युवा संगठनों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया, जिससे विश्वविद्यालय में अस्थिरता फैल गई। 18 जुलाई को विश्वविद्यालय में स्थिति सामान्य हुई, जब कुलपति मोहनन कुन्नुम्मल और उच्च शिक्षा मंत्री आर. बिंदु के बीच बैठक हुई।
सरकार छात्रों के हित में लचीला रुख अपनाने को तैयार
मंत्री सिवनकुट्टी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों का कामकाज बिना किसी रुकावट के चले। उन्होंने दोहराया “हम चाहते हैं कि छात्रों की शिक्षा बाधित न हो। अगर इसके लिए हमें राज्यपाल से समझौता भी करना पड़े, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।”