हजारों शिक्षकों की समस्या एक सावर्जनिक मुद्दा: आर्कबिशप थरयिल
आर्कबिशप थरयिल ने कहा कि बिना वेतन या दैनिक मजदूरी पर काम कर रहे हजारों शिक्षकों की समस्या केवल ईसाई प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सार्वजनिक मुद्दा है।
उन्होंने कहा, “हमें खुशी है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार इस मामले पर सकारात्मक रुख दिखा रही है। समाधान खोजने के लिए बैठक बुलाने का निर्णय हमारे लिए बड़ी राहत है और यह हमारी मांग के अनुरूप है।”
आर्कबिशप ने यह भी कहा कि सरकार का रवैया दर्शाता है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने इसे सार्वजनिक चिंता के रूप में माना है और हमें सकारात्मक नतीजे की उम्मीद है।
जब उनसे केरल कांग्रेस (मणी) की भूमिका के बारे में पूछा गया, तो थरयिल ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर चर्च का समर्थन किया है। उन्होंने जोस के. मणी सहित नेताओं का धन्यवाद किया जिन्होंने इस विवाद के समाधान के लिए पहल की।
यह विवाद राज्य सरकार के उस निर्णय से जुड़ा है जिसमें सहायता प्राप्त स्कूलों में विकलांग वर्ग के लिए आरक्षित पद खाली रहने पर सामान्य वर्ग से शिक्षक नियुक्ति की अनुमति नहीं दी जा रही थी।
हालांकि, नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली, जिसमें उन्हें ऐसे मामलों में सामान्य वर्ग से नियुक्ति की अनुमति दी गई। इसी आदेश का हवाला देते हुए अन्य सहायता प्राप्त स्कूल प्रबंधन ने भी सरकार से समान अनुमति मांगी, लेकिन राज्य सरकार ने उनकी मांग ठुकरा दी।