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इन डॉक्टरों के सपने रह जाएंगे अधूरे, एमसीआई से नहीं मिली हरी झंडी

Fri, 08 Jun 2018 01:24 PM IST
संदीप वर्मा, ग्रेटर नोएडा
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नीट (नेशनल एलिजीबिलटी एंड एंट्रेस टेस्ट) की 19 जून को यूपी काउंसलिंग शुरू होने जा रही है, लेकिन कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान को अभी तक एमसीआई की हरी झंडी नहीं मिली है। मुख्यमंत्री योगी के 100 सीटों वाले मेडिकल कॉलेज के लिए बड़े फैसले के बाद भी मानक नहीं पूरे हो पाए हैं।

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कागजी कार्रवाई के फेर में लगता है कि इस वर्ष 100 डॉक्टरों के सपने पूरे नहीं हो पाएंगे। हालांकि, अधिकारी अभी भी जुलाई तक मानक पूरा कर एमसीआई की हरी झंडी मिलने और मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से शुरू होने का दावा पेश कर रहे हैं।

वर्ष 2012 में शुरू हुए राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में 700 करोड़ के इन्फ्रास्ट्रक्चर की कई वर्षों तक सरकार की उपेक्षा से 2017 तक मात्र ओपीडी ही चलती रही। तत्कालीन निदेशक डॉ. एके भट्ट ने काफी कोशिश की, लेकिन कार्य आगे नहीं बढ़ा। राज्य में भाजपा सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में मेडिकल कॉलेज के लिए बजट जारी किया। इसके बाद राजकीय आयुर्विज्ञान की तत्कालीन निदेशक डॉ. संगीता अनेजा की अगुवाई में मेडिकल कॉलेज के मानक पूरे करने के लिए तैयारी शुरू हुई।
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नवंबर माह में एमसीआई के दौरे में कई बिंदुओं पर कमियां बताईं गईं और राज्य सरकार की पैरवी पर अप्रैल के अंत तक दोबारा दौरे तक ठीक करने के लिए मौका भी दिया गया। निदेशक के जाने पर कार्यवाहक निदेशक डॉ. वनीता लाल को बनाया गया। इस दौरान 30 अप्रैल को दोबारा आई मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम ने तीन दिन तक दौरा किया, लेकिन अभी भी कुछ मानक पूरे नहीं हुए, जिसको जल्द पूरा करने और एमसीआई को सूचित करने का निर्देश दिया गया, लेकिन अभी तक मानक अधूरे हैं।

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नहीं पूरे हो पाए मानक      

एमसीआई टीम के दौरे में अस्पताल में छह जूनियर डॉक्टरों की कमी बताई गई। अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ समेत अन्य स्टाफ की कमी बताई गई। अस्पताल का अपना कोई ब्लड बैंक नहीं है। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे मशीन समेत अन्य उपकरणों की कमी है।

कमियों को पूरा करने के लिए तैयारी की
राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ. वनीता लाल ने बताया कि, एमसीआई के दौरे में बताई गई कमियों को पूरा करने के लिए तैयारी की गई है। नोएडा स्थित चाइल्ड पीजीआई के साथ ब्लड बैंक के लिए एमओयू साइन हो चुका है। एमसीआई दौरे के समय पांच डॉक्टरों के नाम नहीं चढ़े थे, वहीं डॉक्टरों की भर्ती के लिए इंटरव्यू कर जल्द पूरा किया जाएगा। इसके अलावा नर्सिंग समेत अन्य स्टाफ के लिए टेंडर प्रक्रिया 21 दिनों में पूरी कर ली जाएगी। दूसरी या तीसरी काउंसलिंग तक भी यदि मानक पूरा होने पर जुलाई तक एमसीआई की हरी झंडी मिलेगी, तो इसी सत्र में 100 सीटों पर शिक्षण कार्य शुरू हो सकेगा।       
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