उम्मीदवारों को कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) की वेबसाइट - kea.kar.nic.in पर अपनी आवंटित सीट की स्थिति को सत्यापित करना होगा। उम्मीदवारों के पास अपनी पसंद के अनुसार पाठ्यक्रम और कॉलेजों के अपने विकल्पों को बदलने, पुन: व्यवस्थित करने, हटाने और जोड़ने का विकल्प भी है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सभी उम्मीदवारों को निर्धारित अंतिम तिथि से पहले अपने अंतिम विकल्प दर्ज करने होंगे।
उम्मीदवार ऐसा करने के लिए निर्धारित अंतिम तिथि और समय के बाद अपने विकल्प नहीं बदल पाएंगे। बयान में कहा गया है कि भले ही उम्मीदवार मॉक सीट आवंटन के बाद विकल्पों को संशोधित करना पसंद न करें, उन्हें वास्तविक आवंटन के दौरान समान सीट नहीं मिल सकती है, क्योंकि अन्य उम्मीदवार अपने पहले दर्ज किए गए विकल्पों को बदल सकते हैं।
केईए ने कहा, मॉक सीट आवंटन केवल उम्मीदवारों को परिचित कराने और उन्हें आवंटित पाठ्यक्रम और कॉलेज दिखाने में मदद करने के लिए है और यह किसी भी तरह से नहीं माना जाना चाहिए कि सीटों के वास्तविक आवंटन में उन्हें वही सीट और कॉलेज आवंटित किया जाएगा।
कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण (KEA) की ओर से किया गया नीट यूजी मॉक सीट आवंटन केवल एक सांकेतिक सीट की स्थिति है जो उम्मीदवार को वास्तविक आवंटन में मिल भी सकती है और नहीं भी। क्योंकि उम्मीदवारों के पास मॉक अलॉटमेंट के बाद उनके द्वारा दर्ज किए गए विकल्पों की प्राथमिकता बदलने का विकल्प होता है।