बीसी नागेश, प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री
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कर्नाटक में स्कूली छात्रों से प्रति माह एक निश्चित धन राशि दान में लेने के विवादास्पद फैसले को सरकार को वापस लेना पड़ा है। इस फैसले की जमकर आचोलना हो रही थी। दरअसल, कर्नाटक सरकार ने हर महीने सरकारी स्कूल के छात्रों से 100 रुपये स्वैच्छिक दान एकत्र करने की योजना बनाई थी। लेकिन सर्वव्यापी आलोचना को देखते हुए सरकार ने इसको रद्द कर दिया। कर्नाटक लोक शिक्षण विभाग के आयुक्त के एक सर्कुलर में कहा गया है कि यह शिक्षा मंत्री बीसी नागेश के निर्देश पर किया गया था।
नन्ना शाले, नन्ना कोडुगे कार्यक्रम किया था शुरू
राज्य सरकार ने नन्ना शाले, नन्ना कोडुगे (माई स्कूल, माई कंट्रीब्यूशन) कार्यक्रम के तहत चंदा इकट्ठा करने को कहा था। यह तय किया गया था कि स्कूल परिसर में मरम्मत कार्य, पेयजल सुविधा, शौचालय की सफाई आदि के लिए यह पैसा काम में लिया जाएगा। सर्कुलर में स्कूलों से कहा गया था कि वे माता-पिता को हर महीने पैसे दान करने के लिए प्रेरित करें और इस पैसे को स्कूल की मरम्मत के कामों के लिए या अतिथि शिक्षकों को भुगतान करने के लिए इस्तेमाल करें।
विपक्षी दलों ने जमकर आलोचना, बोले- दिवालिया हो गई सरकार
सरकार के चंदा लेने के फैसले को लेकर विपक्षी दल जनता दल एस (सेक्युलर) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने जमकर आलोचना की। कुमारस्वामी ने कहा कि स्कूली छात्रों के परिजनों से दान के तौर पर पैसे वसूलने का मतलब है कि कर्नाटक सरकार सरकार दिवालिया हो गई है, इसलिए बेशर्मी दिखी रही है। विपक्षी दल कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दावा किया कि भाजपा सरकार अभिभावकों को लूटना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सरकार द्वारा घोषित पिछले सभी कार्यक्रमों को वर्तमान सरकार ने रोक दिए हैं।