इस एसओपी के तहत अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए अलग दिशा-निर्देश और प्रथम और द्वितीय-वर्ष के छात्रों के लिए अलग दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। स्नातकोत्तर और अंतिम वर्ष के छात्र जो कक्षाओं में आना चाहते हैं, उनको अपने अभिभावकों की सहमति वाला हस्ताक्षर लैटर लाना होगा। कॉलेजों में कक्षाओं का संचालन सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के पालन के तहत होगा। स्वास्थ्य विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार छात्रों की कुल संख्या और कक्षाओं की उपलब्ध कुल संख्या को ध्यान में रखकर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया जाएगा।
अगर आवश्यकता पड़ती है तो शिक्षण, प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट कक्षाओं के लिए शिफ्ट सिस्टम बनाया जाएगा। जो छात्र फिजिकल तौर पर कक्षाएं नहीं लेना चाहते हैं उनके लिए ऑनलाइन कक्षाएं लेनी की सुविधा होगी। ऑनलाइन कक्षाएं लेने वाले छात्र कैंपस स्थित हॉस्टल में रह सकते हैं। इनके अलावा एसओपी में इमारतों की सफाई, प्रवेश द्वार, फर्नीचर, सफाईकर्मियों और शिक्षकों के लिए दिशा-निर्देश शामिल हैं।