वहीं, ड्रेस कोड के मुद्दे पर कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने कहा कि छात्रों को निर्धारित यूनिफॉर्म और ड्रेस कोड का पालन करना होगा। इस संबंध में सभी को सर्कुलर के माध्यम से सूचित कर दिया गया है। इसके अलावा मंत्री ने कहा कि टीपू सुल्तान से संबंधित जितनी भी आधारहीन बातें और जानकारियां पाठ्यक्रमों में दी हुईं हैं, उन्हें हटाया जा रहा है। अप्रमाणिक तथ्यों के आधार पर शामिल किए गए हिस्सों को हटाया गया है। करीब 30 - 35 फीसदी को सिलेबस पाठ्यक्रम से हटाया गया है।
इससे पहले मार्च में सूबे के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने स्कूली बच्चों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने की तैयारी के संबंध में कहा था कि मोरल साइंस यानी नैतिक विज्ञान को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग अभिभावकों की ओर से उठ रही है। मंत्री ने कहा कि कई माता-पिता और अभिभावक चाहते हैं कि इसे फिर से सिलेबस में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि नैतिक विज्ञान का पाठ्यक्रम और विषय सामग्री आदि सब शैक्षणिक क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा तय की जाएगी।
इससे पूर्व मंत्री ने कहा था कि नैतिक शिक्षा पाठ्यक्रम में भगवद्गीता की ज्ञानवर्धक बातें भी शामिल की जाएगी। भगवद्गीता केवल हिंदुओं के लिए नहीं है, यह सभी के लिए है। उन्होंने कहा था कि विशेषज्ञों की सिफारिश हुई तो इस साल से नहीं बल्कि अगले साल से इसे जरूर पेश किया जाएगा। अंतिम तौर पर, सरकार को तय करना है कि नैतिक विज्ञान को शुरू करना है या नहीं।