नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों का आईआईटी मद्रास में पढ़ाई का सपना कारगिल स्कॉलरशिप पूरा करेगी। आईआईटी मद्रास ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 से दुनिया की पहली चार वर्षीय ऑनलाइन डिग्री बैचलर ऑफ साइंस डेटा साइंस एप्लीकेशन प्रोग्राम में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप देने का फैसला लिया है। यह स्कॉलरशिप आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को बीएस डेटा साइंस एप्लीकेशन में पढ़ाई का मौका उपलब्ध करवाने के मकसद से दी जा रही है। इसमें आईआईटी मद्रास के साथ अमेरिकी वैश्विक खाद्य और कृषि निगम कारगिल सहयोग कर रहा है।
आईआईटी मद्रास के डीन (पूर्व छात्र और कॉर्पोरेट संबंध) प्रोफेसर महेश पंचग्नुला ने बताया कि इस कारगिल स्कॉलरशिप की सहायता से देश के दूरदराज, पिछड़े, ग्रामीण इलाकों के आर्थिक रूप से बेहद कमजोर वर्ग के छात्रों को आईआईटी मद्रास जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ने का मौका मिलेगा। इनमें से कई ऐसे परिवार से होंगे, जिनकी पहली पीढ़ी कॉलेज पढ़ने आएगी और कई दैनिक मजदूर व किसान परिवार से होंगे, जो अभी तक लोन या सरकारी छात्रवृति लेकर अपनी पढ़ाई कर रहे होंगे। यह स्कॉलरशिप ऐसे परिवारों के बच्चों का आईआईटी जैसे संस्थान में पढ़ने का सपना पूरा करने के साथ आर्थिक बोझ भी कम करेगी।
एनईपी के तहत कई बार प्रवेश व निकास का विकल्प
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के तहत आईआईटी मद्रास ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 में ही ऑनलाइन डिग्री माध्यम से बीएस डेटा साइंस एंड एप्लीकेशन प्रोग्राम शुरू किया था। इसी के तहत बीएससी डेटा साइंस एंड एप्लीकेशन में कई बार प्रवेश और निकास (मल्टीपल एंट्री -एग्जिट) का विकल्प मिलता है। छात्र अपनी सुविधा और पसंद के आधार पर डिग्री प्रोग्राम में दाखिला लेकर एक साल की पढ़ाई करके सर्टिफिकेट कोर्स, दो साल में डिप्लोमा और तीन साल की पढ़ाई करने पर डिग्री पा सकता है।
किसी भी आयु वर्ग के लोग ले सकते हैं दाखिला
किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पासआउट छात्र इस डिग्री प्रोग्राम में दाखिला ले सकते हैं। इसके अलावा इस ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम में दाखिले के लिए आयु सीमा की कोई बाध्यता नहीं है। मई 2023 सत्र के लिए छात्र आईआईटी मद्रास की वेबसाइट पर जाकर इस प्रोग्राम में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किसी भी स्ट्रीम के 12वीं पासआउट और किसी भी आयु वर्ग वालों को इसका लाभ मिलेगा।