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NCERT: 'आचार्य कणाद ने सबसे पहले दी थी परमाणु की अवधारणा...', नई किताबों में दिखी भारत की वैज्ञानिक विरासत

Tue, 15 Jul 2025 08:15 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

NCERT: कक्षा 8 की नई विज्ञान पुस्तक 'क्यूरियोसिटी' में प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के संगम को दर्शाया गया है। इसमें आचार्य कणाद से लेकर ISRO मिशनों तक और पारंपरिक चिकित्सा से लेकर कोविड वैक्सीन तक का उल्लेख शामिल है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : adobe stock
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विस्तार
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NCERT: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा प्रकाशित कक्षा 8 की नई विज्ञान पुस्तक 'क्यूरियोसिटी' भारत की समृद्ध वैज्ञानिक विरासत को एक नए नजरिए से प्रस्तुत कर रही है। यह किताब प्राचीन भारतीय ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच के सेतु को रेखांकित करती है।

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किताब की प्रस्तावना में लिखा गया है कि यह परंपरागत ज्ञान और आधुनिक विज्ञान की शिक्षा का मेल विद्यार्थियों में जिज्ञासा, पर्यावरणीय चेतना, नैतिक मूल्यों और समालोचनात्मक सोच को विकसित करने के उद्देश्य से किया गया है।

कणाद ने सबसे पहले दी थी परमाणु की अवधारणा

'पदार्थ के कणिकीय स्वरूप' अध्याय में बताया गया है कि प्राचीन भारतीय दार्शनिक आचार्य कणाद जो सबसे पहले 'परमाणु' की अवधारणा दी थी। वहीं 'स्वास्थ्य: सबसे बड़ी दौलत' अध्याय में भारत की पारंपरिक 'वेरियोलेशन' विधि का उल्लेख है, जो स्मॉलपॉक्स से सुरक्षा का एक तरीका था और यह एडवर्ड जेनर की वैक्सीन अवधारणा से भी पहले प्रचलित था।

किताब के 'हमारी वैज्ञानिक विरासत' खंड में यह भी बताया गया है कि भारत की वैक्सीन कंपनियों ने कोविड-19 महामारी के दौरान वैश्विक स्वास्थ्य प्रयासों में बड़ी भूमिका निभाई।

ISRO मिशनों से लेकर धातु विज्ञान तक

  • पुस्तक में ISRO के चंद्रयान 1, 2 और 3, आदित्य L1 और मंगलयान जैसे महत्वपूर्ण अभियानों का जिक्र किया गया है जो क्रमश: चंद्रमा, सूर्य और मंगल ग्रह के अध्ययन से जुड़े हैं।
  • 'पदार्थ का स्वरूप: तत्व, यौगिक और मिश्रण' अध्याय में बताया गया है कि प्राचीन भारतीय ग्रंथों में औषधीय प्रयोगों के लिए मिश्र धातुओं के उपयोग का उल्लेख मिलता है।
  • 'प्रकाश: दर्पण और लेंस' अध्याय में यह रोचक जानकारी दी गई है कि 800 वर्ष पहले भास्कराचार्य द्वितीय के समय में भारतीय खगोलशास्त्रियों ने उथले पानी के कटोरे और कोणीय नलियों का उपयोग कर आकाश में तारों और ग्रहों की स्थिति का अध्ययन किया। यह परावर्तन के नियमों के व्यावहारिक ज्ञान को दर्शाता है।
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अन्य बदलाव

  • कक्षा 8 की अंग्रेजी की किताब में अब परम वीर चक्र से सम्मानित पहले सैनिक मेजर सोमनाथ शर्मा और बडगाम की ऐतिहासिक लड़ाई का उल्लेख शामिल है।
  • कक्षा 5 की अंग्रेजी पुस्तक 'संतूर' में बच्चों को विभिन्न पेशों की जानकारी दी गई है। इसमें महिला पायलट, फोटोग्राफर, पुरुष शेफ और फूलवाले जैसे चित्र शामिल हैं। ‘पंचायत’ नामक अध्याय में महिला पंचायत प्रमुख की भूमिका दर्शाई गई है।
  • किताब में 33% आरक्षण के कारण पंचायतों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी सराहा गया है। बच्चों को गिल्ली-डंडा, हॉकी और जल संरक्षण जैसे विषयों के माध्यम से जीवन कौशल भी सिखाए जा रहे हैं।
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