आगरा के छात्र के कारण बदलाव
आगरा के एक छात्र को जेईई एडवांस में टॉप रैंक के कारण काउंसलिंग में आईआईटी बॉम्बे अलॉट हुआ था। उसके पास सीट स्वीकृति शुल्क जमा करने के पैसे नहीं थे, जिसकी वजह से उसकी सीट रद्द हो गई थी। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने होनहार छात्र की दिक्कत को देखते हुए आईआईटी बॉम्बे की उक्त छात्र के लिए विशेष सीट की व्यवस्था करने का आदेश दिया था।
सात नए संस्थान जुड़े
जोशा काउंसलिंग में सात नए संस्थान जुड़े हैं। इस प्रकार अब 128 संस्थान हो गए हैं। इसमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रानिक्स एंड इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (एनआईईएफटी), गोरखपुर, एनआईईएफटी राजस्थान, पटना, रोपड़, राजीव गांधी नेशनल एविएशन यूनिवर्सिटी अमेठी, इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी जम्मू-कश्मीर, जीएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस इंदौर शामिल हैं।
फीस जमा करना भूलने पर भी रद्द नहीं होगी सीट
छात्र काउंसलिंग राउंड शुरू होने से पहले पंजीकरण के साथ ही एडवांस में सीट एक्सेप्टेंस फीस और जोशा काउंसलिंग की प्रोसेसिंग फीस जमा कर सकते हैं। पहले फीस जमा करने का विकल्प छात्रों की सुविधा के लिए दिया जा रहा है। अक्सर छात्र, सीट कंफर्म होने पर फीस जमा करना भूल जाते हैं। इसके कारण उनकी सीट रद्द हो जाती है। यह फीस दाखिला लेने के समय टयूशन फीस में जुड़ जाती है। फीस डेबिट, यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, नेटबैंकिंग, ई-चालान, सीएससी के माध्यम से जमा होगी।