13 अप्रैल से शुरू होगी चुनाव प्रक्रिया
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया 13 अप्रैल को अनंतिम मतदाता सूची के प्रदर्शन के साथ शुरू होगी, इसके बाद सूची में सुधार किया जाएगा और 14 अप्रैल को नामांकन पत्र जारी किए जाएंगे। नामांकन पत्र 15 अप्रैल को दाखिल किए जाएंगे, जबकि उम्मीदवारों की अंतिम सूची 16 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी।
16 अप्रैल को शाम 4 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और उम्मीदवारों के बारे में जानकारी दी जाएगी, जिसके बाद 17 और 21 अप्रैल को स्कूल स्तर की आम सभा (जीबीएम) होगी। विश्वविद्यालय स्तर पर जीबीएम 22 अप्रैल को होगी, जबकि अध्यक्षीय बहस 23 अप्रैल को होगी। नीचे तालिका में सभी महत्वपूर्ण तिथियां एक साथ दी गई हैं:
| कार्यक्रम |
तिथि |
| अनंतिम मतदाता सूची का प्रदर्शन |
13 अप्रैल 2025 |
| मतदाता सूची में सुधार |
14 अप्रैल 2025 |
| नामांकन पत्र जारी होना |
| नामांकन पत्र दाखिल करना |
15 अप्रैल 2025 |
| उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी |
16 अप्रैल 2025 |
| प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं जानकारी |
| स्कूल स्तर की आम सभा (जीबीएम) |
17 और 21 अप्रैल 2025 |
| विश्वविद्यालय स्तर की जीबीएम |
22 अप्रैल 2025 |
| अध्यक्षीय बहस |
23 अप्रैल 2025 |
| जेएनयूएसयू चुनाव |
25 अप्रैल 2025 |
| अंतिम परिणाम की घोषणा |
28 अप्रैल 2025 |
24 अप्रैल को नो-प्रचार दिवस के रूप में चिह्नित किया गया है। मतदान 25 अप्रैल को दो सत्रों में आयोजित किया जाएगा - सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक। उसी रात 9 बजे से मतगणना शुरू होगी और अंतिम परिणाम 28 अप्रैल को घोषित किए जाएंगे।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा में देरी पर हो रहे थे आंदोलन
आगामी जेएनयूएसयू चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा में देरी को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे थे। मार्च में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था और डीन ऑफ स्टूडेंट्स के कार्यालय को बंद कर दिया था, जिसमें अधिसूचना तुरंत जारी करने की मांग की गई थी।
हालांकि, प्रशासन ने देरी के लिए लिंगदोह समिति की सिफारिशों के कार्यान्वयन से संबंधित दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित एक मामले का हवाला दिया था। मामले की सुनवाई 27 मार्च को होनी थी।
पिछले वर्ष के चुनाव
पिछले साल जेएनयूएसयू चुनाव चार साल के अंतराल के बाद 22 मार्च को हुए थे और यूनाइटेड लेफ्ट गठबंधन ने चार केंद्रीय पैनल पदों में से तीन पर जीत हासिल की थी।
बिरसा अंबेडकर फुले छात्र संघ (BAPSA) ने शेष पद हासिल किए थे। धनंजय अध्यक्ष, अविजीत घोष उपाध्यक्ष, प्रियांशी आर्य महासचिव और मो साजिद संयुक्त सचिव चुने गए थे।