एबीवीपी का दावा वामपंथी खेमे में बेचैनी
एबीवीपी का दावा है कि लगातार हार से वामपंथी खेमे में बेचैनी साफ झलक रही है। देशभर के विश्वविद्यालयों दिल्ली विश्वविद्यालय, हैदराबाद विश्वविद्यालय और पंजाब विश्वविद्यालय में भी वाम छात्र संगठनों का जनाधार कम होता जा रहा है।
छात्र अब टकराव और नारेबाजी की जगह काम और जवाबदेही पर जोर देने लगे हैं। यही रुझान अब जेएनयू जैसे वैचारिक परिसर में भी दिखने लगा है। एबीवीपी का आरोप है कि हार के डर से इस बार वामपंथी गुटों ने अपने मतभेद भुलाकर गठबंधन बनाने का फैसला किया है। हालांकि, छात्रों का मानना है कि यह एकता विचारधारा से ज्यादा राजनीतिक मजबूरी का नतीजा है। अंदरूनी स्तर पर नेतृत्व और एजेंडे को लेकर मतभेद बने हुए हैं, जिससे यह गठजोड़ अस्थिर दिख रहा है।