जवाहर लाल नेहरू विश्नविद्यालय की कार्यकारी परिषद की ओर से विश्नविद्यालय परिसर में अधिक मजबूत और एकीकृत सुरक्षा व्यवस्था के लिए टेंडर जारी करने को मंजूरी दे दी है। 5 जनवरी, 2020 को जेएनयू परिसर में हुई हिंसा के बाद से ही परिसर के लिए नई सुरक्षा एजेंसी/सेवा की मांग की जा रही थी। इस घटना में कई छात्र घायल हुए थे। दरअसल, जेएनयू में समय-समय पर छात्र समूहों के बीच विवाद सामने आते रहते हैं। हाल ही में नवरात्रि के पर्व के दौरान मांसाहार भोजन को लेकर भी विवाद सामने आया था। इसके अलावा शिक्षक संघ ने शिक्षकों के घरों में सेंधमारी की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर परिसर में सुरक्षा के मुद्दे को उठाया था।
कार्यकारी परिषद की 300 वीं बैठक का आयोजन
विश्वविद्यालय द्वारा जारी की गई सूचना में बताया गया कि 5 मई को विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की 300 वीं बैठक का आयोजन किया गया था। इसमें फैसला लिया गया कि जेएनयू द्वारा आवंटित सभी दुकानों के लिए लाइसेंस शुल्क का 70 प्रतिशत माफ कर दिया जाएगा। जो कि कोरोना महामारी के दौरान बंद थे। परिषद ने अंतर्राष्ट्रीय मामलों का कार्यालय स्थापित करने का भी फैसला किया है। इसके माध्यम से नई शिक्षा नीति-2020 के अनुसार संयुक्त डिग्री / ट्विनिंग प्रोग्राम और अन्य परिसर का अंतर्राष्ट्रीयकरण किया जाएगा।
कई अन्य बड़े फैसले भी लिए गए
विश्वविद्यालय ने जानकारी दी है कि छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के सदस्यों और सेवानिवृत्त कर्मियों के लाभ के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए समीक्षा समिति के सुझावों को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा एमफिल/पीएचडी स्कॉलर्स को भी मातृत्व अवकाश और चाइल्ड केयर लीव को बढ़ाकर 240 दिनों तक करने का फैसला किया गया है। वहीं, विश्वविद्यालय में 700 से अधिक रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को शुरू करने के लिए नियमों के मसौदे को शिक्षा मंत्रालय को भेजने की मंजूरी दी गई है।