कई इलाकों में बहुत ज्यादा ठंड और शून्य से नीचे तापमान होने की वजह से JKBOSE ने फैसला किया है कि अब बाहरी प्रैक्टिकल परीक्षाएं छात्रों के अपने ही स्कूलों में कराई जाएंगी। यह नियम सरकारी और निजी दोनों तरह के स्कूलों पर लागू होगा। इसका मकसद है कि प्रैक्टिकल परीक्षा के समय छात्रों की सुरक्षा, सुविधा और अच्छी उपस्थिति बनी रहे।
छात्रों के हित में लिया गया फैसला
बोर्ड ने कहा है कि यह फैसला छात्रों की सुविधा और भलाई को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि बहुत ठंड और खराब मौसम में छात्रों को प्रैक्टिकल देने के लिए बाहर जाना मुश्किल हो सकता है। जब प्रैक्टिकल उनके अपने ही स्कूलों में होंगे, तो सभी छात्रों की उपस्थिति बेहतर रहेगी और कक्षा 11 के विद्यार्थियों के लिए एक सुरक्षित और आरामदायक माहौल मिलेगा।
JKBOSE ने छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों से अपील की है कि वे आगे आने वाली बोर्ड की नई सूचनाओं और निर्देशों पर ध्यान दें। आने वाले दिनों में स्कूल छात्रों को प्रैक्टिकल परीक्षा का पूरा शेड्यूल और जरूरी दिशानिर्देश उपलब्ध कराएंगे।
कम से कम 25 छात्रों पर स्कूल बनेगा प्रैक्टिकल परीक्षा केंद्र
नोटिस के मुताबिक, किसी भी स्कूल में अगर किसी विषय में कम से कम 25 छात्र हैं, तभी वह स्कूल अपने ही कैंपस में प्रैक्टिकल परीक्षा आयोजित कर सकेगा। जिन स्कूलों में यह संख्या पूरी हो जाती है, उन्हें उस विषय के लिए प्रैक्टिकल एग्जाम सेंटर माना जाएगा। इससे छात्रों को कड़ाके की ठंड में दूसरे स्कूलों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, और वे अपने ही स्कूल में आराम से प्रैक्टिकल दे सकेंगे।