जेईई मेन की परीक्षा 300 अंकों की होती है, यदि विद्यार्थी 240 से 280 के मध्य अंक प्राप्त करता है तो उसे शीर्ष एनआईटी तिरुचि, वारंगल, सूरतकल, में सीएस यानी कंप्यूटर साइंस मिलने की संभावना बन सकती है। यदि स्टूडेंट्स के 220 से 240 अंक आते हैं तो शीर्ष तीन एनआईटी की सीएस के अलावा अन्य कोर ब्रांचेज एवं इलाहाबाद, जयपुर, कालीकट, राउरकेला एवं ट्रिपल आईटी इलाहाबाद की सीएस प्राप्त कर सकता है।
वहीं, यदि विद्यार्थी 180 से 220 अंक लाता है तो उपरोक्त सात एनआईटी की अन्य ब्रांचों के साथ-साथ भोपाल, कुरूक्षेत्र, सूरत, नागपुर, दिल्ली की सीएस कोर ब्रांचें एवं ट्रिपल आईटी जबलपुर, ग्वालियर, लखनऊ, गुवाहाटी की कोर ब्रांच प्राप्त कर सकता है।
विद्यार्थी 150 से 180 के मध्य अंक लाने पर भोपाल, कुरूक्षेत्र, सूरत, नागपुर, दिल्ली की अन्य ब्रांचों के साथ एनआईटी जालंधर, हमीरपुर, दुर्गापुर, जमशेदपुर, शिबपुर, पटना, रायपुर, गोवा, सिल्चर की कोर ब्रांच एवं ट्रिपल आईटी वडोदरा, पुणे, सोनीपत, सूरत, नागपुर, भोपाल, तिरछी, रायपुर, कांचीपुरम, रांची, धारवाड़, अगरतला, कल्याणी में प्रवेश ले सकता है।
बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 19 अप्रैल को जेईई मेन्स 2023 अप्रैल सत्र की अंतरिम उत्तर कुंजी जारी की थी। परीक्षा के लिए उपस्थित होने वाले आवेदक 21 अप्रैल तक अंतरिम उत्तर कुंजी पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते थे।