जेईई मेन परीक्षा का आज चौथा दिन है। परीक्षा के तीसरे दिन 82 फीसदी से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा केंद्र पहुंचकर जेईई मेन एग्जाम दिया था। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के बीच कड़े एहतियाती उपायों और कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए जारी दिशानिर्देशों को पालन करते हुए इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होने वाले इस एंट्रेंस टेस्ट को कराया जा रहा है।बृहस्पतिवार को इस प्रवेश परीक्षा को 82.14 फीसदी छात्रों ने दिया था।
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जबकि बुधवार को 81.08 फीसदी छात्रों ने जेईई मेन की परीक्षा दी थी। बता दें कि जेईई मेन की परीक्षा एक सितंबर से शुरू हुई है और छह सितंबर तक चलेगी। परीक्षा के पहले दिन यानी मंगलवार को वास्तुकला एवं योजना में स्नातक पाठ्यक्रम के लिए परीक्षा में 54.67 फीसदी छात्र बैठे थे। इससे पहले कोविड-19 महामारी के कारण दो बार इस परीक्षा को टाल दिया गया था।
जेईई मेन के पहले दिन गुजरात में 45 फीसदी छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी थी। इस बात की जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी थी। इस साल पिछले सालों की तुलना में जेईई मेन परीक्षा छोड़ने वाले छात्रों की आंकड़ा बढ़ रहा है। इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि जेईई मेन परीक्षा में सूबे के 75 फीसदी छात्र भाग नहीं ले पाए। उन्होंने इसे लेकर केंद्र सरकार को घेरा और कहा कि छात्रों के परीक्षा में शामिल नहीं हो पाने के पीछे केंद्र का अहंकार बताया था। उनका कहना था कि मंगलवार को जेईई परीक्षा में सिर्फ 25 फीसदी छात्र ही शामिल हो सकें।