मानव संसाधन विकास विभाग के सचिव आर सुब्रमन्यम ने कहा कि 'कई भाषाओं में जेईई मेन कराने में कुछ तकनीकी बाध्यताएं आ सकती हैं। कंप्यूटर आधारित परीक्षा होने के कारण बाध्यताएं थोड़ी ज्यादा होंगी, जिन्हें पहले दूर करने की जरूरत है। हालांकि हम कई भाषाओं में परीक्षा कराने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। लेकिन इस प्रक्रिया में समय लगेगा। एनटीए को सभी क्षेत्रीय भाषाओं के लिए अलग सॉफ्टवेयर विकसित करने होंगे।'
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मराठी और तेलुगु को पहले जोड़ने के संबंध में सचिव कार्यालय ने कहा कि इसका फैसला अभ्यर्थियों की संख्या के आधार पर किया गया है। पिछले पांच सालों में जिस जगह से आवेदक सबसे ज्यादा रहे हैं, वहीं की क्षेत्रीय भाषाओं को पहले शामिल किया गया है।
अप्रैल 2019 जेईई मेन में महाराष्ट्र से 1.1 लाख, जबकि आंध्रप्रदेश व तेलंगाना से करीब 1.60 लाख छात्रों ने आवेदन किया था। जबकि पश्चिम बंगाल से इस परीक्षा के लिए आवेदन करने वालों की संख्या करीब 20 हजार ही थी।
हालांकि 2020 जनवरी का जेईई मेन हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती में ही आयोजित होगा। इसमें कोई बदलाव नहीं है।