कौन सा आईआईटी रहा टॉपर्स की पहली पसंद?
शीर्ष 500 रैंक धारकों में सबसे ज्यादा छात्रों ने आईआईटी बॉम्बे में प्रवेश लिया। कुल 183 छात्रों ने आईआईटी बॉम्बे को चुना। इसके बाद आईआईटी दिल्ली दूसरे स्थान पर रहा। शीर्ष 500 में से 115 छात्रों ने यहां प्रवेश लिया। अन्य प्रमुख आईआईटी की स्थिति इस तरह रही:
- आईआईटी बॉम्बे: 183 छात्र
- आईआईटी दिल्ली: 115 छात्र
- आईआईटी मद्रास: 78 छात्र
- आईआईटी कानपुर: 49 छात्र
- आईआईटी खड़गपुर: 40 छात्र
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला है।
शीर्ष 100 में किस आईआईटी को सबसे ज्यादा छात्रों ने चुना?
अगर केवल शीर्ष 100 रैंक हासिल करने वाले उन छात्रों को देखें, जिन्हें आईआईटी में सीट मिली, तो आईआईटी बॉम्बे की बढ़त और ज्यादा स्पष्ट नजर आती है।
- 68 छात्र आईआईटी बॉम्बे गए
- 18 छात्र आईआईटी दिल्ली गए
- 11 छात्र आईआईटी मद्रास गए
- एक छात्र आईआईटी कानपुर गया
इससे पता चलता है कि सबसे ऊंची रैंक वाले छात्रों के बीच भी आईआईटी बॉम्बे सबसे पसंदीदा संस्थान रहा।
कंप्यूटर विज्ञान की लोकप्रियता का रुझान नया नहीं
रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष रैंक धारकों के बीच कंप्यूटर विज्ञान इंजीनियरिंग की लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों के रुझान के अनुरूप है। इस बार शीर्ष 500 में से 365 छात्रों ने कंप्यूटर विज्ञान इंजीनियरिंग चुनी। इसके मुकाबले दूसरी कुछ शाखाओं को बहुत कम छात्रों ने प्राथमिकता दी। सिविल इंजीनियरिंग को सिर्फ दो छात्रों ने चुना, जबकि एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के लिए कोई विकल्प नहीं चुना गया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा विश्लेषण से जुड़े कार्यक्रमों को भी शीर्ष 500 में केवल 17 छात्रों ने चुना।
महिला उम्मीदवारों के प्रदर्शन में क्या खास रहा?
- रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में आईआईटी जेईई एडवांस्ड प्रवेश परीक्षा में महिला उम्मीदवारों की सफलता दर सबसे अधिक रही।
- इस साल सफल महिला उम्मीदवारों की संख्या 10,000 के पार पहुंच गई।
- पिछले छह वर्षों में यह पहली बार है, जब सफल महिला उम्मीदवारों की संख्या 10,000 से ज्यादा हुई है।
संयुक्त कार्यान्वयन समिति की रिपोर्ट हर साल उस आईआईटी की ओर से तैयार की जाती है, जो जेईई एडवांस्ड का आयोजन करता है। इसमें सीटों की संख्या, शाखाओं में प्रवेश के बदलाव और छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े आंकड़ों का विस्तृत विवरण दिया जाता है।
रिपोर्ट में बताया गया कि प्रत्येक श्रेणी में उपलब्ध सीटों की संख्या की तुलना में कम से कम दोगुने उम्मीदवार सफल हों, यह सुनिश्चित करने के लिए योग्यता मानदंड में ढील दी गई थी।
रिपोर्ट में कहा गया, “योग्यता मानदंड में ढील दी गई, ताकि प्रत्येक श्रेणी में उपलब्ध सीटों की तुलना में कम से कम दोगुने उम्मीदवार सफल हो सकें।”