- टफ परीक्षा और मनपसंद आईआईटी न मिलना :
विशेषज्ञों का कहना है कि जेईई मेन और जेईई एडवांस परीक्षा बेहद अलग होती है। जेईई एडवांस पास करना हर छात्र के बस की बात नहीं होती है। कठिन मेहनत से एडवांस परीक्षा पास करने के बाद भी अच्छा व पुराना आईआईटी मिलने के साथ मनपसंद स्ट्रीम मिलेगी, इसकी भी गारंटी नहीं होती है। क्योंकि आईआईटी मैरिट के आधार पर सीट व आईआईटी का आवंटन करता है। इसके अलावा छात्रों में अब विदेशों से बैचलर डिग्री का चलन भी बढने लगा है। क्योंकि बीटेक के बाद अधिकतर छात्र मास्टर के लिए विदेश की ओर रूख करते हैं। ऐसे में वे बैचलर भी विदेश से करने को तबज्जो दे रहे हैं।
- कारणों का खुलासा होना चाहिए :
चयनित छात्रों की बड़ी संख्या यदि जेईई एडवांस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कर रही है तो कारणों को जानना जरूरी है। 12वीं बोर्ड और जेईई मेन परीक्षा पास करना आसान होता है। जबकि जेईई एडवांस की परीक्षा गुणवत्ता के चलते आईआईटी स्वयं आयोजित करता है। इसीलिए हो सकता है कि जेईई एडवांस परीक्षा के प्रश्न पत्र देखकर छात्रों ने रजिस्ट्रेशन न करने की सोची हो। इसके अलावा जेईई मेन के आधार पर छात्रों के पास कठिन परीक्षा पास किए बगैर पढ़ाई के अन्य विकल्प भी उपलब्ध हैं। इसलिए रजिस्ट्रेशन न किया हो।
प्रो. वी रामगोपाल, डायरेक्टर, आईआईटी दिल्ली।
- रजिस्ट्रेशन दो लाख पार करने की संभावना नहीं :
आईआईटी में दाखिले के लिए जेईई एडवांस 2019 परीक्षा में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में बुधवार शाम तक महज 1.30 लाख रजिस्ट्रेशन हुए हैं। जबकि नौ मई को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन विंडो बंद हो जाएगी। ऐसे में संभावना बेहद कम है कि रजिस्ट्रेशन आंकड़ा दो लाख क्रास कर पाएगा। छात्रों ने जेईई एडवांस 2019 के लिए चयनित होने के बाद भी रजिस्ट्रेशन क्यों नहीं किया, यह बड़ा सवाल है? हालांकि अब आईआईटी के अलावा अन्य विकल्पों के साथ विदेशों में स्नातकोत्तर के साथ स्नातक प्रोग्राम की पढ़ाई का ट्रेंड भी आ एक बड़ा कारण हो सकता है।
प्रो. एमएल शर्मा, चेयरमैन जेईई एडवांस 2019 और आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर।