रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ने और नए विषयों पर काम करने की इच्छा रखने वाले स्कॉलर्स के लिए जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप एक अवसर है। यह फेलोशिप जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड की ओर से दी जाती है। इसके तहत विज्ञान, मानविकी और अन्य विषयों में शोध करने वाले उम्मीदवारों को सहायता मिलती है। इस फेलोशिप का उद्देश्य नई रिसर्च, उन्नत तकनीकी अध्ययन और भारत से जुड़े समकालीन मुद्दों पर गहन अध्ययन को प्रोत्साहित करना है। इसके जरिए स्कॉलर्स अपने रचनात्मक प्रोजेक्ट पर काम कर सकते हैं और अपने चुने हुए क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाश सकते हैं।
फेलोशिप का दायरा केवल पारंपरिक शोध तक सीमित नहीं है। लेखकों, पत्रकारों, कलाकारों और सिविल सेवकों जैसे लोगों के काम को भी समर्थन मिल सकता है, जिनकी गतिविधियां आमतौर पर मौजूदा योजनाओं के दायरे में नहीं आतीं।
कौन कर सकता है आवेदन?
जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप के लिए उम्मीदवारों को अपनी योग्यता और शोध कार्य से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होंगी।
- उम्मीदवार भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- अपने चुने हुए क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने की क्षमता का प्रमाण होना चाहिए।
- किसी रचनात्मक प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने और नए अवसरों की तलाश करने की इच्छा होनी चाहिए।
- उम्मीदवार भारत में अपनी पसंद की जगह पर काम करने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए।
शैक्षणिक योग्यता क्या है?
- इस फेलोशिप के लिए उम्मीदवार के पास पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री में कम से कम 60 प्रतिशत अंक होने चाहिए।
- इसके साथ ही किसी मान्यता प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालय में पूर्णकालिक पीएचडी स्कॉलर के रूप में पंजीकरण या प्रवेश होना जरूरी है।
- जिन उम्मीदवारों का पीएचडी पंजीकरण अभी लंबित है या जिसे मंजूरी नहीं मिली है, वे पात्र नहीं माने जाएंगे।
उम्र सीमा कितनी होनी चाहिए?
फेलोशिप के चयन वर्ष में 1 अक्तूबर को उम्मीदवार की उम्र 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आरक्षित श्रेणियों या निर्धारित विशेष मानदंडों के तहत आने वाले उम्मीदवारों को अधिकतम पांच साल तक की आयु छूट मिल सकती है।
हर महीने मिलेगा 1 लाख रुपये का स्टाइपेंड
जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप के तहत चयनित उम्मीदवारों को दो साल तक आर्थिक सहायता दी जाती है।
- अवधि: दो साल
- मासिक स्टाइपेंड: 1,00,000 रुपये
- आयकर: दी गई जानकारी के अनुसार, आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(17A) के तहत स्टाइपेंड आयकर मुक्त है।
- अन्य सहायता: सचिवीय मदद, यात्रा और अन्य आपात जरूरतों पर होने वाला वास्तविक खर्च।
- अतिरिक्त खर्च की सीमा: सालाना अधिकतम 75,000 रुपये।
किन क्षेत्रों के शोधकर्ताओं को मिल सकती है फेलोशिप?
यह फेलोशिप विज्ञान, मानविकी और अन्य विषयों में काम करने वाले स्कॉलर्स को सहयोग देती है। इसके साथ ही भारत से जुड़े समकालीन मुद्दों पर गहन अध्ययन, उन्नत तकनीकी शोध और रचनात्मक परियोजनाओं को भी प्रोत्साहित किया जाता है। इच्छुक उम्मीदवारों को अधिक जानकारियों के लिए जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए।