कौन हैं के. सुहिता अनुपम?
- के. सुहिता अनुपम का पूरा नाम कासे सुहिता अनुपम है।
- उनका जन्म 16 सितंबर 1974 को हुआ था।
- उन्होंने बीई (सिविल) की पढ़ाई की है।
- वह 1998 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं।
- उन्होंने 28 दिसंबर 1998 को आईपीएस सेवा ज्वाइन की थी।
उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, उनका होम स्टेट आंध्र प्रदेश और कैडर बिहार है। करीब तीन दशक की पुलिस सेवा में उन्होंने बिहार के साथ-साथ केंद्रीय पुलिस संगठनों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
अभी बिहार पुलिस में कौन सी जिम्मेदारी संभाल रही हैं?
के. सुहिता अनुपम इस समय बिहार पुलिस में अपर पुलिस महानिदेशक यानी एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के पद पर तैनात हैं। यह बिहार पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। राज्य में कानून-व्यवस्था से जुड़े बड़े मामलों और संवेदनशील घटनाक्रमों में पुलिस मुख्यालय की कार्रवाई में इस पद की अहम भूमिका होती है।
उन्हें एडीजी, सीआईडी बिहार का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इस तरह उनके पास कानून-व्यवस्था के साथ जांच और अपराध से जुड़े पुलिस कामकाज की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी है।
सीआरपीएफ में भी रह चुकी हैं डीआईजी
सुहिता अनुपम ने आईपीएस बनने के बाद पुलिस सेवा में अलग-अलग पदों पर काम किया है। उनके करियर में बिहार पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय पुलिस संगठन में भी महत्वपूर्ण तैनातियां रही हैं।
- वह सीआरपीएफ में डीआईजी के पद पर भी रह चुकी हैं। हैदराबाद में तैनाती के दौरान उन्होंने डीआईजी की जिम्मेदारी संभाली।
- वह डीआईजी और प्रिंसिपल, सीडीटीएस, हैदराबाद की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं।
- केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ में काम करने के बाद वह बिहार लौटीं और यहां भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
बिहार लौटने के बाद गृह विभाग में भी किया काम
बिहार लौटने के बाद सुहिता अनुपम को आईजी मॉडर्नाइजेशन, बिहार की जिम्मेदारी मिली। इस पद पर पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण और उससे जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी उनके पास रही।
इसके बाद उन्होंने बिहार सरकार के गृह विभाग में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। वह स्पेशल सेक्रेटरी, होम डिपार्टमेंट (स्पेशल ब्रांच) के पद पर रहीं।
जनवरी 2023 में उन्हें एडीजी स्तर यानी लेवल-15 पर पदोन्नति मिली। इस तरह उनके करियर में पुलिस के मैदानी कामकाज से लेकर पुलिस आधुनिकीकरण और गृह विभाग की जिम्मेदारियों तक का अनुभव रहा है।
जमुई मामले में क्या सामने आया?
जमुई की घटना को लेकर एक बार फिर सुहिता अनुपम का नाम चर्चा में है। सोशल मीडिया पर छात्रा के साथ बदसलूकी और छात्र के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, वीडियो के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। मामले में बीएनएस की धारा 74, धारा 76/3(5) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।