जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने यूजीसी द्वारा अकादमिक कैलेंडर और परीक्षाओं पर जारी दिशानिर्देशों को अपनाने का फैसला किया है। इस बात की जानकारी विश्वविद्यालय ने गुरुवार को दी। विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसलिंग की बैठक में यह फैसला लिया गया है। यह बैठक गूगल मीट के जरिए हुई थी जिसमें विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर नजमा अख्तर के साथ ही काउंसिल के दूसरे सदस्यों ने भाग लिया था। इसी बैठक में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशानिर्देशों को अपनाने का फैसला लिया गया है।
एक जुलाई से होंगी ऑफलाइन परीक्षाएं
जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने 1 से 31 जुलाई के बीच अंतिम सेमेस्टर और अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए ऑफलाइन परीक्षाएं आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह फैसला बैठक में कुलपति प्रोफेसर नजमा अख्तर, रजिस्ट्रार एपी सिद्दीकी (आईपीएस) और परिषद के अन्य सदस्यों ने लिया। इस बैठक में कोविड -19 की वजह से विश्वविद्यालय शिक्षा में व्यवधान और बड़े बदलावों के बारे चर्चा हुई। विश्वविद्यालय में ऑनलाइन कक्षाएं 31 मई तक आयोजित होंगी।
इससे पहले विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन कक्षाओं को 30 अप्रैल तक समाप्त करने का निर्णय लिया था। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 31 मई कर दिया गया है। इसके साथ ही असाइनमेंट जमा करने की अंतिम तिथि 5 जून तक बढ़ा दी गई है। विश्वविद्यालय ने सभी शिक्षकों से 15 जून तक विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक की वेबसाइट पर आंतरिक मूल्यांकन अंक अपलोड करने का निवेदन किया है। विश्वविद्यालय में एक अगस्त से नियमित छात्रों के लिए फिर से खुल जाएगा और नियमित कक्षाएं चलेंगी।