जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। छात्रों ने ऑनलाइन कक्षाओं के बहिष्कार का ऐलान किया है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने पानी और बिजली बंद करने का आरोप लगाया है। रविवार को परिसर में तनाव रहा और हॉस्टल के छात्रों ने राष्ट्रगान गाया। जानें आंदोलन, छात्रों की मांगों और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी पूरी जानकारी।
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाली को लेकर आंदोलन जारी है। अब छात्रों ने विवि प्रशासन की ओर से ऑनलाइन कक्षा संचालन का भी बहिष्कार किया है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने प्रशासन पर पानी और बिजली बंद करने का आरोप लगाया है। रविवार को विश्वविद्यालय के गेट नंबर चार और सात पर दिनभर सुरक्षाकर्मियों और छात्रों के बीच तनातनी का माहौल रहा। उधर जामिया के बॉयज हॉस्टल के छात्रों ने गेट नंबर सात पर राष्ट्रगान गाया।
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छात्रों ने ऑनलाइन कक्षाओं का बहिष्कार करते हुए कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ को पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराया है। रविवार को परिसर में प्रवेश को लेकर सुरक्षाकर्मियों और छात्रों के बीच टकराव हुआ। इस दौरान दिल्ली पुलिस वापस जाओ के नारे भी लगाए गए। पुलिस ने छह-सात छात्रों को हिरासत में लेने की जानकारी दी है। छात्रावास में रहने वाले छात्रों को भी आवाजाही में मुश्किल हो रही है। कुछ छात्रों को मौखिक तौर पर छात्रावास खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों ने केंद्रीय पुस्तकालय, कैंटीन और विश्वविद्यालय के सभी गेट तत्काल खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन के इस फैसले से उनके शैक्षणिक और लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों का बिगड़ा स्वास्थ्य
जामिया में 12 अक्तूबर से छात्रों की भूख हड़ताल जारी है। जासिम अली, एबिन, रेहान हैदर, रेहान पंवार और रिदा नौशाद भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्र रेहान हैदर ने आरोप लगाया कि उन्हें पीने का पानी नहीं दिया जा रहा और बिजली भी बंद कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जासिम का सात किलोग्राम, एबिन का छह किलोग्राम और रेहान पंवार का चार किलोग्राम वजन कम हो गया है। लंबी भूख हड़ताल के कारण छात्रों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है।
अर्धसैनिक बल की वर्दी के साथ युवक पकड़ा
जामिया में रविवार शाम को एक युवक को छात्रों द्वारा पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। छात्रों ने बताया कि युवक कैंपस में घुसकर दीवारों पर विवादित नारे लिखने की कोशिश कर रहा था। उसकी तलाशी लेने पर उसके बैग में अर्धसैनिक बल की वर्दी और कार्ड बरामद हुआ। साथ ही जेब से तिरंगा झंडा और पावर बैंक भी बरामद हुआ। फिर काफी शोर-शराबा शुरू हो गया। जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। यह कैंपस और आंदोलन को बदनाम करने की साजिश है। जामिया के भी कुछ सुरक्षाकर्मी बिना बैज के ड्यूटी कर रहे है। ऐसे में उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठते है।
गेट सात से मशाल जुलूस निकाला
जामिया एनएसयूआई इकाई के अध्यक्ष फैजान ने बताया कि शाम को गेट नंबर सात पर मशाल जुलूस भी निकाला गया है। प्रशासन से बातचीत के लिए रविवार दोपहर को दो बजे के करीब बातचीत का प्रस्ताव ईमेल के जरिए दोबारा से भेजा गया है। जब तक छात्र संघ चुनाव की बहाली को माना नहीं जाएगा यह आंदोलन जारी रहेगा। वहीं पुलिस हिरासत में लिए जाने वाले छात्रों की कानूनी मदद के लिए एक लीगल हेल्प टीम भी गठित की गई है।