आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी की थी तारीफ
हाल ही में उन्होंने केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की, जिन्होंने उनके इस नवाचार की सराहना की। लॉन्च के बाद स्पर्श ने एक्स पर लिखा, "हर कोई पूछता है - भारत का एआई कहां है? आज जवाब हमारे पास है। मिलिए Luna से, जो ऑडियो, म्यूजिक और स्पीच को एकीकृत करने वाला दुनिया का पहला स्पीच-टू-स्पीच फाउंडेशनल एआई मॉडल है।"
एचसीएल के को-फाउंटर और वॉयस एआई विशेषज्ञ से भी मिली सराहना
HCL के सह-संस्थापक अजय चौधरी ने एक्स पर लिखा, “स्पर्श ने भारत का पहला ऐसा शानदार प्रोडक्ट बनाया है!”
वहीं वॉयस एआई विशेषज्ञ सुदर्शन कामथ ने कहा, “ऐसे डीप टेक फाउंडर्स को हमें और समर्थन देना चाहिए जो एआई को मूल सिद्धांतों से समझते हैं।”
OpenAI के मॉडल से बेहतर प्रदर्शन
बेंचमार्क रिपोर्ट के अनुसार, Luna ने OpenAI के GPT-4 TTS और ElevenLabs जैसे वैश्विक सिस्टम्स की तुलना में 50% कम लेटेंसी और अधिक प्राकृतिक आवाज हासिल की है।
स्पर्श ने कहा, "मेरे पास कोई बड़ा रिसर्च लैब या 100 मिलियन डॉलर की रनवे नहीं थी। मैंने GPUs उधार लिए, क्लाउड क्रेडिट्स जुटाए और क्रेडिट कार्ड का कर्ज लिया ताकि Luna बन सके। यह इस बात का सबूत है कि वर्ल्ड-क्लास टेक्नोलॉजी भारत से भी बन सकती है।"
निवेशकों और उद्योग जगत का समर्थन
IIT-BHU से स्नातक स्पर्श के साथ नितीश कार्तिक, अपूर्व सिंह और प्रत्युष कुमार उनकी टीम में हैं। Pixa AI को कुनाल शाह, कुनाल कपूर और निखिल कामत जैसे निवेशकों का समर्थन मिला है। कंपनी का लक्ष्य है कि Luna को मनोरंजन, वेलनेस और ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए "वॉयस लेयर" बनाया जाए।
स्पर्श अग्रवाल को WTFund के लिए 15,000 से अधिक आवेदकों में एकमात्र एकल संस्थापक के रूप में चुना गया था। उनक कहना है कि Luna के माध्यम से वे भारत को "इमोशनली इंटेलिजेंट AI" नवाचार का केंद्र बनाना चाहते हैं।