नामांकन में गिरावट और खराब परिणामों पर सीएम का फोकस
उन्होंने पूछा, "सरकार द्वारा अंडे, दूध, रागी माल्ट, सूप और छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के बावजूद बच्चों की नामांकन दर में कमी क्यों आ रही है?" और अधिकारियों से कहा कि वे उनके व्यावहारिक अनुभवों की जानकारी लेकर समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएं और आवश्यक कार्रवाई करें।
सीएम ने उन जिलों के सीईओ और डीसी तथा जिला प्रभारी सचिवों को निर्देश दिया, जिनके परीक्षा परिणाम और स्कूलों में बच्चों का नामांकन राज्य औसत से कम है, ताकि अगले शैक्षणिक वर्ष तक स्थिति में सुधार हो सके।
कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के जिलों के सीईओ को इस मामले पर अधिक ध्यान देना चाहिए और निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कम परिणामों के लिए कारण और बहाने महत्वपूर्ण नहीं हैं, परिणाम लाना महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि अगर ईमानदारी से प्रयास किया जाए तो अच्छे परिणाम मिलेंगे।