इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी की एक वैश्विक पहचान बन चुकी है और विश्व के विभिन्न संस्थानों से इसका अनुभंध भी है। इसी प्रकार लिविंग स्टोन कॉलेज, नार्थ कैरोलेना (अमेरिका) और इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के बीच में स्टूडेंट्स एक्सचेंज प्रोग्राम चलता है, जिसके तहत प्रतिवर्ष इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों के योग्य छात्र वहां जाकर स्कालरशिप के तहत मुफ्त में शिक्षा ग्रहण कर बाहरी दुनिया का अनुभव प्राप्त करते हैं।
इस वर्ष भी एक स्कॉलरशिप परीक्षा पास कर 5 छात्रों का चयन हुआ है, जिनके नाम विदिशा वर्मा, बी.बी.ए. द्वितीय वर्ष, इशा अग्रवाल बी.कॉम. प्रथम वर्ष, दर्श मिश्रा बी.बी.ए. द्वितीय वर्ष, राजन अग्रवाल बी.बी.ए. प्रथम वर्ष एवं ऐश्वर्या जावा बी.टेक द्वितीय वर्ष है।
प्रत्येक छात्र जिन्होंने यह स्कॉलरशिप परीक्षा पास कि है उनके अध्ययन के लिए लिविंग स्टोन कॉलेज 8 लाख की छात्रवृत्ति भी दे रहा है, जिससे छात्रों को शिक्षा ग्रहण करने में कोई आर्थिक समस्या न आये। ऐसे प्रोग्राम से छात्रों का हौसला बढ़ता है। लिविंग स्टोन कॉलेज, नार्थ कैरोलेना (अमेरिका) जाकर छात्रों को आधुनिक शिक्षा ग्रहण करने का मौका मिलेगा और साथ ही प्रायोगिक ज्ञान व अनुभव भी प्राप्त होगा।
सफल करियर के लिए किताबी ज्ञान के साथ प्रायोगिक ज्ञान भी आवश्यक है। इसी को मद्दे नजर रखते हुए इन्वर्टिस अपने छात्रों को इस प्रोग्राम के ज़रिये विदेश जाकर शिक्षा ग्रहण करने का अवसर प्रदान करवाती है। साथ ही साथ वहां जाकर छात्रों को पश्चिमी संस्कृति के बारे में जानने को मिलेगा और एक साथ काम करने का हुनर सीखेंगे, जो उनके भविष्य को उज्जवल बनाएगा। चयन होने के बाद छात्रों में काफी हर्षोल्लास देखने को मिला और उन्होंने विश्वविद्यालय व पदाधिकारियों को धन्यवाद दिया।
इस मौके पर विश्विद्यालय के कुलाधिपति डॉ.उमेश गौतम ने कहा की हम सभी छात्रो को बधाई देते है। यह हमारे साथ-साथ पुरे विश्विद्यालय के लिए गौरव की बात है। विश्विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जगदीश राय ने छात्रो की इस उपलब्धी पर उनका अभिनन्दन किया।
इस प्रोग्राम के संयोजक यूनिवर्सिटी के डीन डॉ. आर.के. शुक्ला ने सभी छात्रो के उज्जवल भविष्य की कामना की और कहा कि आने वाले समय में और अधिक छात्रों को भेजने का प्रयास करेंगे जिससे छात्रों को शिक्षा के साथ अनुभव भी प्राप्त हो सके। इस दौरान इन्वर्टिस के प्रो वाईस चांसलर प्रो. वाई.डी.एस. आर्य, डीन मैनेजमेंट डॉ. मनीष गुप्ता व अन्य पदाधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
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