कौन से राज्य आगे हैं?
इंटर्नशिप की डिमांड के मामले में तमिलनाडु सबसे आगे है, इसके बाद उत्तर प्रदेश, केरल और कर्नाटक का स्थान है। ये वे राज्य हैं जहां इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और टेक्निकल एजुकेशन का बड़ा केंद्र मौजूद है। इन क्षेत्रों में प्रैक्टिकल नॉलेज और ट्रेनिंग का महत्व अधिक है।
भर्ती करने वाली कंपनियों के लिए यह एक अहम संकेत है कि अगली पीढ़ी के उम्मीदवार केवल एंट्री-लेवल जॉब नहीं, बल्कि "सीखने के अवसरों" की तलाश में हैं। अब "Internship-to-Hire" मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जहां कंपनियां इंटर्नशिप के दौरान ही प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को पहचान लेती हैं और उन्हें स्थायी भूमिका के लिए तैयार करती हैं।
सैलरी और प्राथमिकताएं
रिपोर्ट में बताया गया है कि शुरुआती सैलरी रेंज आम तौर पर $30,000-$40,000 (लगभग 26 लाख रुपये से 35.10 लाख रुपये सालाना) के बीच है। हालांकि, युवाओं के लिए अब सैलरी ही निर्णायक नहीं रही। वे मेंटरशिप, स्किल-बिल्डिंग और वर्क कल्चर को भी उतना ही महत्व देते हैं। आज इंटर्नशिप केवल रिज्यूमे का हिस्सा नहीं, बल्कि करियर की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम बन गई है।
अगर आप अपने करियर को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो इंटर्नशिप के जरिए अनुभव हासिल करना बेहद जरूरी है। पढ़ाई के बाद अच्छी कंपनियों में काम का अनुभव पाने के लिए आप कई भरोसेमंद प्लेटफॉर्म्स की मदद ले सकते हैं।