आईआईटी दिल्ली अब इंजीनियरिंग और मेडिकल में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है, जिसमें छात्र को दोनों विषयों के बारे में पढ़ाया जाएगा। आईआईटी दिल्ली को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का दर्जा मिलने के बाद अब संस्थान दुनिया के टॉप सौ शिक्षण संस्थानों की रेस में शामिल हो चुका है। यह इसकी शुरुआत पीजी डिग्री के पाठ्यक्रम में बदलाव और इंटर डिसप्लनेरी पीजी डिग्री प्रोग्राम शुरू किए जाने के साथ करने जा रहा है। खास बात यह है कि देश में पहली बार आईआईटी दिल्ली ड्यूल पीएचडी प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है, जिसमें विदेशी छात्रों को आईआईटी दिल्ली 75 हजार से एक लाख रुपये की स्कालरशिप, रिसर्च व रहना, खाना आदि सुविधा भी मुहैया करवाएगा।
आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. रामगोपाल राव के मुताबिक, इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस का दर्जा पाने के बाद सरकार से एक हजार करोड़ रुपये की ग्रांट मिलेगी, जिसके तहत बीटेक में अगले सत्र कई नए प्रोग्राम शुरू होंगे, लेकिन सीटों की संख्या नहीं बढ़ेगी। पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री और पीएचडी डिग्री प्रोग्राम पर फोकस किया जाएगा, ताकि विदेशी छात्र और शिक्षक जुड़ें। ड्यूल पीएचडी प्रोग्राम आईआईटी दिल्ली आस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी, ताइवान व कनाडा यूनिवर्सिटी के साथ शुरू करेगा। पहली बार पीजी डिप्लोमा प्रोग्राम की भी पढ़ाई शुरू होगी।
इसके अलावा एम्स के साथ मिलकर झज्जर कैंपस में बायो रिसर्च पार्क बनाया जाएगा, जहां नई बीमारियों पर रिसर्च के साथ उनके चिकित्सीय उपकरण बनाए जाएंगे। एडवांस सेंट्रल रिसर्च फैसीलिटी, इंडियन काउंसिल फॉर एग्रीकल्चर रिसर्च, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के साथ आम लोगों के जीवन से जुड़ी दिक्कतों पर रिसर्च होगी।
स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी में भी होगी पढ़ाई
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद अब आईआईटी दिल्ली में स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी का गठन होगा, जिसमें देशहित से जुड़े विषयों पर रिसर्च की जाएगी। वहीं, डिपार्टमेंट ऑफ डिजाइन में 2019 सत्र से बैचलर ऑफ डिजाइन की पढ़ाई शुरू होगी। यहां मुख्य तौर पर विभिन्न डिजाइन ऑफ थिकिंग पर काम होगा।