आयरलैंड में 700 से बढ़कर 9,000 हुई भारतीय छात्रों की संख्या
यह जानकारी वनस्टेप ग्लोबल (OneStep Global) की स्टूडेंट परसेप्शन स्टडी रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, आयरलैंड में भारतीय छात्रों की संख्या पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ी है और यह 700 से बढ़कर 9,000 से ज्यादा हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूके जैसे देशों में सख्त वीजा नियम और अमेरिका में सीमित अवसरों के कारण अब आयरलैंड छात्रों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस बढ़ती लोकप्रियता को बनाए रखने के लिए कोर्स की विविधता, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर (खासतौर पर आवास) और भारत में मजबूत ब्रांड पहचान जरूरी होगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बढ़ती लागत, सुरक्षा को लेकर चिंता और वीजा नीतियों की सख्ती के बीच आयरलैंड को अब एक सुरक्षित, स्थिर और करियर-केंद्रित देश के रूप में देखा जा रहा है।
क्यों बढ़ रही है आयरलैंड की लोकप्रियता?
रिपोर्ट के अनुसार, आयरलैंड पारंपरिक “बिग फोर” देशों (अमेरिका, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया) का एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है। इसके पीछे कई कारण हैं:
- साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथ्स (STEM) शिक्षा में मजबूती
- अंग्रेजी भाषा में पढ़ाई का लाभ
- कम अवधि के कोर्स
- पढ़ाई के बाद नौकरी के अवसर
- उद्योगों की मजबूत मौजूदगी
रिसर्च कैसे की गई?
इस स्टडी में क्वालिटेटिव और क्वांटिटेटिव दोनों तरह के रिसर्च तरीकों का इस्तेमाल किया गया।
- क्वालिटेटिव रिसर्च में छात्रों, अभिभावकों और काउंसलर्स के इंटरव्यू और ग्रुप डिस्कशन शामिल थे।
- क्वांटिटेटिव रिसर्च में 500 छात्रों और उनके माता-पिता से सर्वे किया गया।
छोटे शहरों से बढ़ रही भागीदारी
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि अब टियर-2 और टियर-3 शहरों जैसे गुवाहाटी, कोयंबटूर, कोच्चि, इंदौर और विशाखापत्तनम (विजाग) से भी बड़ी संख्या में छात्र विदेश में पढ़ाई के लिए आगे आ रहे हैं।
बेहतर एजुकेशन लोन, डिजिटल जागरूकता और काउंसलिंग सपोर्ट के कारण इन शहरों के छात्र अब ज्यादा आत्मविश्वास के साथ अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के विकल्प तलाश रहे हैं।
खासतौर पर इन शहरों के अभिभावक अब विदेश में पढ़ाई के लिए पहले से ज्यादा तैयार हैं, लेकिन वे सुरक्षा, खर्च और करियर के अवसरों को लेकर सतर्क रहते हैं।
विशेषज्ञों की राय
टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी ऑफ द शैनन की ग्लोबल रिक्रूटमेंट डायरेक्टर Fiona McKie ने कहा कि आज के छात्र सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि बेहतर करियर का रास्ता तलाश रहे हैं और आयरलैंड इस जरूरत को पूरा कर रहा है।
वहीं, Patrick McCole, वाइस प्रेसिडेंट इंटरनेशनल, Maynooth University ने कहा कि आयरलैंड खुद को एक सुरक्षित, भरोसेमंद और करियर-केंद्रित शिक्षा गंतव्य के रूप में स्थापित कर रहा है, जहां अंतरराष्ट्रीय छात्र देश की आर्थिक प्रगति में भी योगदान दे रहे हैं।