यूके में मेडिकल प्रैक्टिस करने के इच्छुक भारतीय डॉक्टरों, नर्सों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। उन्हें अब अंग्रेजी भाषा की दक्षता की जांच करने वाले टेस्ट ऑफ इंग्लिश एज ए फॉरेन लैंग्वेज (टॉफेल) और इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम (आइलेट्स) टेस्ट देने की जरूरत नहीं होगी।
अब इसके बजाय उन्हें ऑक्यूपेशनल इंग्लिश टेस्ट यानी ओईटी में शामिल होना होगा। यूके जाकर वहां के मरीजों का इलाज क रने के इच्छुक डॉक्टरों, नर्सों, डेंटिस्टों और मिड-वाइफों को संबंधित हेल्थकेयर रेग्युलेटर के पास पंजीकरण के लिए अब इस ओईटी में मिले अंकों को देखा जाएगा।
ओईटी एक अंतरराष्ट्रीय अंग्रेजी भाषा जांच परीक्षा है जो हेल्थकेयर के काम में लगे उन पेशेवरों की इस भाषा के संबंध में संप्रेषण कौशल की जांच करता है जो अंग्रेजी भाषा बोले जाने वाली जगह जाने के ख्वाहिशमंद हैं। यूके में दो हेल्थकेयर बोर्ड हैं। एक है जनरल मेडिकल काउंसिल और दूसरा नर्सिंग एडं मिडवाइफारी काउंसिल। इनमें पंजीकरण कराने के लिए कंडीडेट को ओईटी परीक्षा देनी होगी इसके बाद ही उन्हें वीजा जारी हो सकेगा।
ओईटी परीक्षा संचालित करने वाली कैम्ब्रिज बॉक्सहिल लैग्वेज एसेसमेंट की सीईओ सुजाता स्टेड ने कहा कि इस बदलाव का मकसद अस्पतालों और दूसरी जगहों पर स्टॉफ को जल्द से जल्द मुहैया कराना है। यूके के अलावा इस ओईटी को आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर जैसे देशों में मान्यता मिल चुकी है। यह टेस्ट चयनित 12 मेडिकल प्रोफेशनों पर लागू होगा।