शिक्षा मंत्रालय और यूएस विदेश विभाग ने शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के मकसद से सोमवार को भारत-अमेरिका कार्य समूह की शुरुआत की। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संयुक्त सचिव नीता प्रसाद और दक्षिण-मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो के राज्य के सहायक सचिव डोनाल्ड लू ने कार्य समूह की सह-अध्यक्षता की।
अप्रैल 2022 में की गई थी घोषणा
पिछले साल अप्रैल में वाशिंगटन डीसी में भारत और अमेरिका के बीच आयोजित टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय संवाद के दौरान नेताओं द्वारा शिक्षा और कौशल विकास पर भारत-अमेरिका कार्य समूह की स्थापना की घोषणा की गई थी। कौशल और व्यावसायिक शिक्षा प्रमाणीकरण और मान्यता निजी क्षेत्र के साथ संलग्न अमेरिकी और भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच मैचमेकिंग दोनों पक्षों के बीच चर्चा के विषय थे। दोनों पक्षों ने उद्योग केंद्रित युग में कौशल और व्यावसायिक शिक्षा के महत्व को स्वीकार किया। उद्योग की आवश्यकताओं के साथ कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को संरेखित करने की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए, दोनों पक्ष शैक्षिक संस्थानों, उद्योग हितधारकों और प्रासंगिक सरकारी एजेंसियों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देने पर सहमत हुए। इस सहयोग का उद्देश्य है कौशल अंतराल को दूर करने, रोजगार क्षमता बढ़ाने और दोनों देशों में उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
ठोस रास्ते तलाशने पर सहमति की व्यक्त
दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने भारत और अमेरिका के बीच शिक्षा और कौशल विकास में सहयोग को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। संयुक्त कार्य समूह ने नियमित बैठकें जारी रखने के साथ-साथ भारत और अमेरिका के बीच शिक्षा और कौशल विकास सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए ठोस रास्ते तलाशने पर सहमति व्यक्त की।