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IIT Roorkee: एडवाइजरी पर बवाल के बाद संस्थान ने दी सफाई, कहा- हर साल जारी होते हैं ऐसे निर्देश, जानें मामला

Tue, 21 Jul 2026 09:53 PM IST
Akash Kumar एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

IIT Roorkee Advisory: आईआईटी रुड़की की एक एडवाइजरी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। इसमें छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों से बिना संस्थान की अनुमति राजनीतिक गतिविधियों में शामिल न होने और सार्वजनिक राजनीतिक बयान देने से बचने को कहा गया है। हालांकि संस्थान ने इसे नई नीति मानने से इनकार किया है।
 
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आईआईटी रुड़की - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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IIT Roorkee: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की की एक आंतरिक एडवाइजरी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा का विषय बन गई है। इस एडवाइजरी में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को बिना संस्थान की अनुमति किसी भी राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं होने और राजनीतिक मुद्दों पर सार्वजनिक बयान देने से बचने की सलाह दी गई है।

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यह एडवाइजरी 20 जुलाई 2026 की है। इसके सामने आने का समय ऐसे दौर में है, जब देश के कई हिस्सों में परीक्षा संबंधी विवादों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं।

एडवाइजरी में क्या कहा गया?

एडवाइजरी के अनुसार, संस्थान ने देखा कि कुछ छात्र और कर्मचारी इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूदा राजनीतिक आंदोलनों के प्रति अपनी राय और समर्थन व्यक्त कर रहे हैं।

संस्थान ने कहा कि उसकी अधिसूचित आचरण नियमावली (Conduct Rules) के तहत:
  • बिना संस्थान की अनुमति कोई छात्र या कर्मचारी राजनीतिक चर्चा या राजनीतिक गतिविधियों में भाग नहीं ले सकता।
  • कोई भी छात्र या कर्मचारी सोशल मीडिया, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या प्रसारण माध्यमों में ऐसा सार्वजनिक बयान या राय व्यक्त नहीं करेगा, जिससे संस्थान और केंद्र सरकार, किसी संगठन या आम जनता के बीच संबंध प्रभावित हों।
  • संस्थान की पूर्व अनुमति के बिना सार्वजनिक मंचों पर कोई आधिकारिक बयान भी नहीं दिया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर क्यों हुआ विवाद?

एडवाइजरी के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई लोगों ने इसकी आलोचना की। कुछ लोगों ने इसे "गैग ऑर्डर" (बोलने की आजादी पर रोक) बताया और सवाल उठाया कि क्या यह छात्रों की राजनीतिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करता है। इस विवाद की एक वजह यह भी रही कि एडवाइजरी ऐसे समय सामने आई, जब दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में छात्र प्रदर्शन जारी थे।
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IIT Roorkee ने क्या सफाई दी?

विवाद बढ़ने पर आईआईटी रुड़की ने स्पष्ट किया कि यह न तो कोई नई नीति है और न ही नया निर्देश। संस्थान के अनुसार, यह एक आंतरिक एडवाइजरी है, जिसे हर शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच नियमित रूप से जारी किया जाता है। यह लंबे समय से लागू संस्थान की आचरण नियमावली का हिस्सा है।

संस्थान ने कहा कि इस संचार को गलत तरीके से नहीं समझा जाना चाहिए और न ही संदर्भ से अलग देखकर इसकी व्याख्या की जानी चाहिए।
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