आईआईटी मंडी के असिस्टेंट प्रोफेसर मनु वी. देवदेवन को ह्यूमैनिटीज में प्री-माडर्न साउथ इंडिया के उपर मौलिक और व्यापक शोध करने के लिए इन्फोसिस पुरस्कार 2019 मिला है। यह पूरे देश के लिए गौरव की बात है।
बता दें इन्फोसिस साइंस फाउंडेशन (आईएसएफ) ने छह श्रेणियों इंजीनियरिंग एवं कंप्यूटर साइंसेस, ह्यूमैनिटीज, लाइफ साइंसेस, मैथमेटिकल साइंसेस, फिजिकल साइंसेस और सोशल साइंसेस में इन्फोसिस पुरस्कार 2019 के विजेताओं के नाम घोषित कर दिए हैं। देवदवन को सम्मान स्वरुप गोल्ड मेडल, प्रशस्ति पत्र और 1,00,000 अमेरिकी डालर का इनाम दिया गया है।
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मनु वी देवदेवन ने दक्षिण भारत के सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक इतिहास के बारे में पारंपरिक ज्ञान की महत्वपूर्ण पुर्नव्याख्या की है। देवदेवन के प्रारंभिक अनुसंधान में पूर्व-आधुनिक दक्षिण भारत में राजनीतिक एवं आर्थिक प्रक्रियाएं, दक्षिण भारत में साहित्यिक गतिविधियां और इलाके के प्राचीन शिलालेखों का अध्ययन शामिल हैं।
आपको बता दें कि इस सम्मान प्रतियोगिता में प्रतिष्ठित ज्यूरी ने एक पैनल के माध्यम से 196 आवेदनों में से इन्फोसिस पुरस्कार 2019 के लिए विजेताओं को शॉर्टलिस्ट किया। इन्फोसिस पुरस्कार केवल इन उत्कृष्ट शोधार्थियों को मान्यता प्रदान करता ही नहीं करता, बल्कि इसके माध्यम से ऐसे रोल माडल्स भी तैयार करता है। इसका उद्देश्य युवा दिमाग को करियर विकल्प के रूप में विज्ञान को एक्सप्लोर करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
आईआईटी मंडी के डायरेक्टर डॉ. टीमोथी ए गोंसाल्विस ने इस मौके पर कहा कि यह बहुत बड़ा पुरस्कार है। इसके विजेता मनु वी. देवदेवन को बधाई। यह उपलब्धि सभी के लिए प्रेरणा का काम करेगी।
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