भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास का सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर 100 से ज्यादा पोस्ट-मॉर्टम यानी मृत इंसानी दिमागों का हाई-रिजॉल्यूशन 3डी डिजिटल एटलस (मानचित्र) तैयार करेगा। इसमें इंसानी दिमाग के विकास से लेकर बुढ़ापे तक के अलग-अलग चरणों और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों (तांत्रिक विकारों) का अध्ययन किया जाएगा। आईआईटी अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
बारीकी से समझी जा सकेंगी दिमागी बीमारियां
आईआईटी मद्रास के मुताबिक, सी-स्ट्रोक में दिमाग की 1,000 से ज्यादा चिह्नित तस्वीरें शामिल हैं। इनमें एमआरआई स्कैन और ऊतकों की बेहद बारीक तस्वीरें जोड़ी गई हैं। इससे दिमाग में सूजन, ऑक्सीजन की कमी और नसों को होने वाले नुकसान का पता लगाने में मदद मिलेगी।
परम शक्ति सुपरकंप्यूटर का इस्तेमाल
इस काम के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेटी) की मदद से परम शक्ति सुपरकंप्यूटर का इस्तेमाल किया गया। इस पहल में 200 से ज्यादा शोधकर्ता और तकनीशियन, 10 से अधिक भारतीय चिकित्सा संस्थान और 30 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय सहयोगी शामिल हैं। शोध को फेयरफैक्स फाइनेंशियल के चेयरमैन प्रेम वत्सा और इंफोसिस के सह-संस्थापक क्रिस गोपालकृष्णन से आर्थिक सहयोग मिला है।
तमिलनाडु को करोड़ों की सौगात, छात्रों और युवाओं से पीएम मोदी के संवाद में क्या?
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्तूबर को इस सेंटर को देश को समर्पित करने के साथ ही सेंटर विकसित इस्केमिक स्ट्रोक से प्रभावित इंसानी दिमाग का दुनिया का पहला 3डी एटलस जारी किया। पीएम मोदी ने तमिलनाडु दौरे के दौरान 13 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। चेन्नई मेट्रो के फेज-2 प्रोजेक्ट का उद्घाटन करने के बाद राज्य के सीएम सी जोसफ विजय के साथ मेट्रो में सफर भी किया। इसके बाद जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में पहुंचे। उन्होंने छात्रों को बड़े सपने देखने, अपनी सोच का दायरा बढ़ाने और नए विचारों के जरिये वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित किया। मोदी ने कहा, देश में आज अवसरों की कमी नहीं है। युवाओं को भविष्य को व्यापक नजरिये से देखना चाहिए। यह युवाओं का समय है और उनके सामने सपने पूरे करने का अवसर है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम विकसित भारत के सपने को जरूर साकार करेंगे।