आईआईटी कानपुर और ISKCON के बीच छात्रों की भलाई के लिए कार्यक्रम चलाने को लेकर हुए समझौते (MoU) पर विवाद हो गया है। कुछ लोगों ने छात्रों के लिए होने वाले ऐसे कार्यक्रमों में किसी धार्मिक संगठन की भागीदारी पर सवाल उठाए। विवाद बढ़ने के बाद संस्थान ने अपनी घोषणा वाला पोस्ट हटा दिया।
शनिवार को IIT कानपुर ने X पर एक पोस्ट के जरिए ISKCON के साथ दो साल के MoU की जानकारी दी थी। इस समझौते के तहत ISKCON को इच्छुक छात्रों के लिए शिक्षा और भलाई से जुड़े स्वैच्छिक कार्यक्रम चलाने की अनुमति दी जानी थी।
संस्थान ने कहा, "इस सहयोग के तहत, ISKCON सर्टिफाइड कोर्स की एक सीरीज पेश कर सकता है, जिसमें सेल्फ-मैनेजमेंट, वेलनेस, पर्सनल डेवलपमेंट, स्ट्रेस मैनेजमेंट और सेल्फ-एस्टीम जैसे विषय शामिल होंगे। हर कोर्स में एक-एक घंटे के आठ सेशन होंगे और इनमें शामिल होना पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा।"
उन्होंने कहा, "हम कैंपस में मुश्किलों का सामना कर रहे छात्रों की मदद के लिए कई प्रोग्राम चलाते हैं। अगर कोई बाहरी संगठन मदद की पेशकश करता है, तो हम उसे स्वीकार करने के लिए तैयार रहते हैं।"