QS Ranking 2027 में 26 भारतीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में सुधार
रैंकिंग के अनुसार, 26 भारतीय विश्वविद्यालयों ने अपनी स्थिति में सुधार किया, नौ ने अपनी रैंकिंग बरकरार रखी, 15 की रैंकिंग में गिरावट आई, जबकि दो संस्थान पहली बार रैंकिंग में शामिल हुए। भारत के पूर्व में रैंकिंग में शामिल आधे से अधिक विश्वविद्यालयों ने इस वर्ष अपने प्रदर्शन में सुधार किया है।
प्रदर्शन का स्वागत करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि परिणाम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शुरू किए गए सुधारों के प्रभाव को दर्शाते हैं।
प्रधान ने कहा, "नवीनतम वैश्विक विश्वविद्यालय रैंकिंग में भारत का सशक्त प्रदर्शन एनईपी 2020 के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाता है। अब 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 52 विश्वविद्यालय रैंकिंग में शामिल हैं और आधे से अधिक विश्वविद्यालयों ने अपनी स्थिति में सुधार किया है। आईआईटी दिल्ली जैसे संस्थानों की रिकॉर्ड-उच्च रैंकिंग के साथ, भारत अनुसंधान, नवाचार और अपने युवाओं की प्रतिभा के बल पर एक अग्रणी वैश्विक ज्ञान केंद्र के रूप में उभर रहा है।"
IIT के साथ अन्य भारतीय विश्वविद्यालयों ने भी रचा इतिहास
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली लगातार मजबूत हो रही है। उनके अनुसार, सरकारी और निजी दोनों तरह के संस्थानों में सुधार देखने को मिल रहा है, जिससे भारत एक वैश्विक ज्ञान केंद्र के रूप में उभर रहा है। यह बदलाव देश में शिक्षा की गुणवत्ता, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों का परिणाम है।
QS World University Rankings 2027 में IIT Bombay को 134वां, IIT Madras को 170वां, IIT Kharagpur को 205वां और IIT Kanpur को 221वां स्थान मिला। वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय की रैंकिंग सुधरकर 322वें स्थान पर पहुंच गई, जबकि जामिया मिलिया इस्लामिया को 686वां स्थान मिला।
रैंकिंग से यह भी पता चलता है कि भारत की सफलता अब सिर्फ IIT संस्थानों तक सीमित नहीं है। जामिया मिलिया इस्लामिया, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) समेत 18 भारतीय संस्थानों ने अपनी अब तक की सबसे अच्छी रैंकिंग हासिल की है। इनमें से अधिकांश गैर-IIT संस्थान हैं।
भारत के विश्वविद्यालयों की बढ़ रही पहचान
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय विश्वविद्यालयों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन उन्हें दुनिया भर के छात्रों और शिक्षकों को आकर्षित करने के लिए अभी और काम करना होगा। साथ ही, वैश्विक स्तर पर अपनी शैक्षणिक प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाने की भी जरूरत है।
QS की सीईओ जेसिका टर्नर ने कहा कि भारत के विश्वविद्यालय देश के भविष्य को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उनके अनुसार, ये संस्थान केवल पढ़ाई ही नहीं करा रहे हैं, बल्कि नए विचारों, शोध और तकनीक को भी बढ़ावा दे रहे हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था और विकास को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, रिसर्च और नवाचार में भारत का बढ़ता निवेश अब दुनिया की रैंकिंग में भी नजर आने लगा है। क्यूएस विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2027 में 106 देशों के 1,500 से ज्यादा विश्वविद्यालयों का आकलन किया गया, जिसमें भारतीय संस्थानों ने भी मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया।