सत्र के पहले दिन पैनल में स्थिरता, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ब्लॉकचेन नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उद्यम पूंजी सहित कई विषयों को शामिल किया गया, जिससे उपस्थित लोगों को इन क्षेत्रों में नवीनतम रुझानों और विकास की गहन समझ मिली। सम्मेलन में अमर उजाला एक्सीलेंस पार्टनर है।
सम्मेलन के पहले दिन उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग जगत के लोगों बड़ी संख्या में मौजूद रहें। इस दौरान सिडबी के मुख्य महाप्रबंधक एसपी सिंह की ओर से एक विशेष स्टार्टअप प्रदर्शनी, लॉन्चपैड का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में देश भर से 50 से अधिक स्टार्टअप शामिल हुए, जिन्होंने स्थिरता और अत्याधुनिक तकनीक पर जोर दिया। वहीं, कई स्टार्टअप ने एक स्थायी भविष्य बनाने के उद्देश्य से अपने समाधानों से दर्शकों को आकर्षित किया। कार्यक्रम ने स्टार्टअप्स को संभावित निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों से जुड़ने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान किया।
एसपी सिंह ने स्थायी उद्यमिता को समर्थन देने में वित्तीय संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। इसके बाद स्केलिंग यूनिवर्सल सस्टेनेबिलिटी पर पैनल चर्चा हुई, जिसमें सीसीआई के सदस्य अनिल अग्रवाल, प्रोटीन ईगव टेक्नोलॉजीज के सुरेश सेठी, एस्पायर इम्पैक्ट के अमित भाटिया और सर्वम एआई के विवेक राघवन जैसे विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे व्यवसाय वैश्विक स्तर पर संधारणीय मॉडल का विस्तार कर सकते हैं।
सम्मेलन में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के भविष्य पर भी चर्चा हुई, जिसमें ब्लूग्रीन वेंचर्स के अनूप जैन, बैटरी स्मार्ट के सिद्धार्थ सिक्का और युलु के हेमंत गुप्ता ने ईवी तकनीक और बुनियादी ढांचे में प्रगति पर चर्चा की।
इंडियाज पाथ टू सस्टेनेबल ग्रोथ में पूर्व केंद्रीय वित्त और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा समेत अन्य लोगों ने देश के विकसित होते स्थिरता परिदृश्य का विश्लेषण किया।