विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम में दाखिले के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा प्रवेश परीक्षा से दाखिले होंगे। हालांकि विश्वविद्यालय को एनटीए से प्रवेश परीक्षा आयोजित करवाने या न करवाने का अधिकार होगा। इस प्रावधान का आईआईटी और आईआईएम जैसे शीर्ष संस्थानों पर फर्क नहीं पड़ेगा। दरअसल, दोनों संस्थान अपनी दाखिला प्रवेश परीक्षा स्वयं आयोजित करते रहेंगे।
देशभर में विवि में दाखिले के लिए अलग-अलग नियम व मापदंड हैं। दाखिले कहीं 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के कटऑफ के आधार पर तो, कही परीक्षा के आधार पर होते हैं। हर विवि अपना अलग आवेदन पत्र जारी करता है। ऐसे में अभिभावकों को विश्वविद्यालयों में अलग-अलग आवेदन करने में आर्थिक दिक्कत होती है।
सभी विश्वविद्यालयों के लिए एक दाखिला प्रवेश परीक्षा या फिर आवेदन होने से सीट खाली भी नहीं रहेंगी और अभिभावकों को आर्थिक दिक्कत भी नहीं होगी। एनटीए प्रवेश परीक्षाओं के लिए गठित की गई है। इसलिए यह सारा काम एनटीए को दिया जाना चाहिए। हालांकि विवि या उच्च शिक्षण संस्थान स्वायत्त हैं, इसलिए फैसला लेने का अधिकार उन्हीं पर छोड़ दिया जाना चाहिए।