भारतीय प्रबंधन संस्थानों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा
बात करें भारतीय प्रबंधन संस्थानों की तो यहां प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। इस साल की सूची में जगह पाने वाले सभी चार संस्थानों ने बीते वर्ष की तुलना में दुनिया के किसी भी देश से सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इस बार की रैंकिंग यह भी बताती है कि भारत में पढ़ाए जा रहे प्रबंधन कोर्स दुनिया के टॉप 50 में शामिल हैं। जो भारत की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है। तीन भारतीय प्रबंधन संस्थानों को टॉप-100 की सूची में जगह बनाना दर्शाता है कि भारत में पढ़ाई के लिए ऑनलाइन-डिजिटल और आसान तरीके उपलब्ध हैं। हालांकि, निवेश, रोजगार और स्टूडेंट आउटकम के मामलों में भारत को और सुधार की जरूरत है।
किस कोर्स में किस संस्थान का बेहतर प्रदर्शन
क्यूएस ने कुल 37 भारतीय संस्थानों को विभिन्न श्रेणियों में शामिल किया है। इनमें मास्टर्स इन मैनेजमेंट में 19, मास्टर्स इन फाइनेंस में सात, मास्टर्स इन बिजनेस एनालिटिक्स में पांच, मास्टर्स इन मार्केटिंग में चार, मास्टर्स इन सप्लाई चेन मैनेजमेंट में दो संस्थानों ने जगह बनाई। हालांकि इन 37 में से 10 संस्थानों को पहली बार शामिल किया गया है। खास बात यह है कि मास्टर्स इन फाइनेंस में सात संस्थानों में कोई भी टॉप 200 में जगह नहीं बना सका। मास्टर्स इन मैनेजमेंट श्रेणी में सिर्फ तीन संस्थानों की रैकिंग में सुधार आया है। इनमें आईआईएम बैंगलोर दो स्थान के सुधर के साथ 30वें, आईआईएम अहमदाबाद आठ स्थान के सुधार के साथ टॉप-50 में और आईआईएम कोझिकोड 141-150 के बैंड में शामिल हुआ है।
रैंकिंग में कुल 14 भारतीय बिजनेस स्कूलों को मिली जगह
आईआईएम बैंगलोर, आईआईएम अहमदाबाद और आईआईएम कलकत्ता को रोजगार, निवेश पर रिटर्न और लीडरशिप श्रेणी में यह रैंकिंग मिली है। रैंकिंग में कुल 14 भारतीय बिजनेस स्कूलों को जगह मिली है। इनमें से चार की रैंकिंग में सुधार हुआ है, एक की रैंकिंग यथावत है। जबकि सात संस्थानों की रैकिंग में गिरावट आई है। इसके अलावा दो संस्थानों को पहली बार सूची में जगह मिली है। पहली बार ऑनलाइन एमबीए में 125 एंट्रीज मिली हैं। इसमें 27 नई और 19 के प्रदर्शन में सुधार, 20 ने अपना स्थान बरकरार और 59 संस्थानों में गिरावट दर्ज है।