नीट अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों में जागरूकता की कमी के कारण, ऐसे लाखों छात्र होते हैं जो 500 या उससे कम नीट स्कोर आने के बाद भी काउंसिलिंग के अंतिम राउंड तक सीट मिलने का इंतजार करते हैं। वहीं जिनके पास 40 लाख रुपये तक का बजट है वह भारत में मेडिकल काउंसिलिंग खत्म होने का इंतजार किए बगैर विदेशी यूनिवर्सिटी में अपनी एमबीबीएस सीट बुक कर लेते हैं। क्योंकि अगर आप किसी विदेशी यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के लिए आवेदन करोगे तो पूरी दाखिला प्रक्रिया में तकरीबन 2-3 हफ्ते का वक्त लग जाता है। अधिकतर विदेशी यूनिवर्सिटीज में क्लासेज हर वर्ष 1 अक्टूबर- से 15 अक्टूबर के बीच शुरू होती हैं। इसलिए आपको बिना बिलंब किये एक बेहतर विदेशी यूनिवर्सिटी चुनकर एमबीबीएस सीट के लिए आवेदन कर देना चाहिए।
विदेश की हरेक यूनिवर्सिटी विभिन्न बजट के आधार पर अपने मेडिकल कोर्सेज को ऑफर करती है। बजट में क्या क्या आपको जोड़ना है वो हम आपको बता देते हैं।
अगर हम रूस, कजाकिस्तान, चीन, जॉर्जिया, इजिप्ट, नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों में एमबीबीएस की बात करें तो उनका बजट 25 से 50 लाख के बीच में रहता है।
भारतीय छात्रों के लिए सफलता मोक्ष द्वारा दिया जा रहा कॅरियर प्लानर एप इसका बेस्ट सॉल्यूशन है। यहां आप पिछले 3 सालों की कटऑफ, यूनिवर्सिटीज की ट्यूशन फीस देख सकते हैं। आप भारत की निजी यूनिवर्सिटीज और डीम्ड यूनिवर्सिटीज की फीस भी देख सकते हैं। साथ ही 20 से ज्यादा देशों के 200 से अधिक एमबीबीएस एब्रॉड विकल्प को भी देख सकते हैं। इसके अलावा आप अपने बजट, रैंक और ग्रेड के अनुसार फिल्टर कर सकते हैं जिससे आपके बजट में आने वाली यूनिवर्सिटी आपको दिख जाएंगी।
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आजकल हर शहर में विदेशी यूनिवर्सिटीज में दाखिले के लिए बैठे एजेंट्स छात्रों से बेहतर यूनिवर्सिटी के सुझाव मात्र देने के पैसे (कंसल्टेंसी फीस) के नाम पर ले लेते हैं। ऐसे सभी छात्रों को बता दें अगर आप किसी एजेंट के माध्यम से अपनी एमबीबीएस सीट विदेश में बुक कर रहे हैं तो एग्जिट एग्जाम जरूर तय करें। कि वह आपको भारत में लाइसेंसिंग के लिए NExt एग्जाम और अमेरिका में प्रैक्टिस के लिए USMLE की तैयारी कराएं। अगर वो तैयार नहीं है तो आप सफलता मोक्ष के कॅरिअर काउंसलर्स से बात करके विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज में अपना दाखिला कराएं और एग्जिट एग्जाम की तैयारी का ऑफर भी साथ पाएं।
विश्वविद्यालय की फीस का भुगतान सीधे विश्वविद्यालय के बैंक खाते में किया जाना चाहिए। यदि कोई प्रवेश एजेंट आपको "पैकेज" के अनुसार भारत में भुगतान करने के लिए कह रहा है, तो आप धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं। आपके सभी शुल्क फीस, छात्रावास और आगमन का शुल्क बंटा होना चाहिए। बाकी सेवाओं के लिए भुगतान उस देश में पहुंचने पर करें उससे पहले नहीं। वो भी तब जब विवि. द्वारा सुझाया गया बैंक खाता आपको मिल जाए। साथ ही परामर्शदाता से ये लिखित में ले लेना चाहिए कि उक्त शुल्क सीधे उसके खाते में भुगतान किया जाएगा। रूस में, 2 तरीके हैं जिनसे विश्वविद्यालय 2 पार्टी और 3 पार्टी अनुबंधों के तहत वार्षिक ट्यूशन फीस एकत्र करते हैं। 2 पार्टी अनुबंध के तहत, विश्वविद्यालय प्रवेश पत्र के अनुसार ट्यूशन फीस सीधे अपने खाते में एकत्र करता है। 3 पार्टी अनुबंध के तहत, विश्वविद्यालय एजेंटों से वसूलता है। ये एजेंट रूस में एमबीबीएस अध्ययन के सभी 6 वर्षों के लिए उच्च शुल्क वसूल कर छात्रों को ठगने का काम करते हैं। लिहाजा इनसे बचें। या फिर किसी भी प्रकार के धोखाधड़ी से बचने के लिए आप Safalta - MOKSH के टोल फ्री नंबर: 1800-571-0202 पर कॉल करें।
जिन अभिभावकों के बच्चे विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए जा रहे हैं उन्हें पहले वर्ष जिन खर्चों को तैयार रखना है उनमें ट्यूशन फीस, छात्रावास खर्च, आगमन के बाद की सेवाएं, हवाई टिकट, वीजा, भारतीय भोजन पैकेज (अगर कोई हो), परामर्श शुल्क NExT और USMLE कोचिंग आदि। अगर आपका बच्चा रूस में जा रहा है तो पहले वर्ष में आपको लगभग 8 से 10 लाख रुपये की आवश्यकता होगी। जिसमें उपरोक्त लिखित सभी चीजें शामिल हैं।
वहीं अगर बच्चा जॉर्जिया में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए जा रहा है तो पहले वर्ष में तकरीबन 10-12 लाख रुपये की जरूरत होगी। साथ ही भारतीय खाने के लिए कैंटीन का भुगतान केवल यूनिवर्सिटी पहुंचने के बाद ही करें।