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विदेश में पढ़ाई: अंग्रेजी में झिझक बन सकती है रास्ते की बड़ी रुकावट, IELTS को हल्के में न लें; ऐसे करें तैयारी

Thu, 10 Sep 2026 03:05 PM IST
शाहीन परवीन भारत भूषण अरजरिया, कॅरिअर एक्सपर्ट

सार

विदेश में पढ़ाई, नौकरी या बसने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए अंग्रेजी की अच्छी समझ जरूरी है। कई देशों में प्रवेश या वीजा प्रक्रिया के दौरान अंग्रेजी भाषा की दक्षता साबित करने के लिए IELTS स्कोर मांगा जाता है। ऐसे में अंग्रेजी में झिझक या कमजोर तैयारी आपके विदेश जाने के सपने में रुकावट बन सकती है। 
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IELTS Exam - फोटो : AI
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विस्तार
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विदेश में पढ़ाई, अच्छी नौकरी और बेहतर कॅरिअर का सपना आज कई भारतीय युवाओं की पहली पसंद बन रहा है। लेकिन इस सपने को पूरा करने के लिए सिर्फ अच्छी शैक्षणिक योग्यता ही नहीं, अंग्रेजी भाषा पर पकड़ भी जरूरी है। विदेश में पढ़ाई के दौरान पढ़ाई की सामग्री समझने, लोगों से बातचीत करने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने में अंग्रेजी मददगार होती है।

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आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और जर्मनी जैसे देशों में कई शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले के लिए आईईएलटीएस स्कोर की आवश्यकता हो सकती है। आईईएलटीएस यानी अंतरराष्ट्रीय अंग्रेजी भाषा परीक्षण प्रणाली में उम्मीदवार की सुनने, पढ़ने, लिखने और बोलने की क्षमता का आकलन किया जाता है।

एग्जाम क्या है?

आईईएलटीएस परीक्षा के चार मुख्य भाग होते हैं। सुनने वाले भाग में बातचीत या रिकॉर्ड की गई सामग्री को समझना होता है। पढ़ने वाले भाग में दिए गए लेख या जानकारी में से जरूरी तथ्यों को पहचानना होता है। लिखने वाले भाग में अपने विचारों को स्पष्ट, व्यवस्थित और सही तरीके से प्रस्तुत करना जरूरी होता है। वहीं बोलने वाले भाग में उम्मीदवार के उच्चारण, शब्दों के सही इस्तेमाल और विचार व्यक्त करने के तरीके का आकलन किया जाता है।

अंग्रेजी बोलने का ऐसे बढ़ाएं आत्मविश्वास

कई भारतीय छात्र और युवा अंग्रेजी समझने के बावजूद बोलते समय झिझक महसूस करते हैं। इस झिझक को दूर करने के लिए नियमित अभ्यास बहुत जरूरी है। रोज कुछ समय अंग्रेजी में किसी विषय पर बोलने का अभ्यास करें, अपनी आवाज रिकॉर्ड करके गलतियों को पहचानें और दूसरों के साथ अंग्रेजी में बातचीत करने की कोशिश करें। नए शब्दों का वाक्यों में प्रयोग करने से शब्दावली मजबूत होती है। अंग्रेजी बोलते समय गलतियों से घबराने के बजाय उनसे सीखना और लगातार अभ्यास करते रहना आत्मविश्वास बढ़ाने का सबसे बेहतर तरीका है।

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तैयारी के लिए बनाएं अभ्यास योजना

अंग्रेजी समाचार, पत्रिकाएं, ब्लॉग और शैक्षणिक लेख पढ़ने से शब्दावली बढ़ाने के साथ भाषा को समझने की क्षमता भी बेहतर होती है। अंग्रेजी में पॉडकास्ट, साक्षात्कार और समाचार सुनने से अलग-अलग लोगों के उच्चारण को समझने में मदद मिलती है। शुरुआत में हर शब्द का अर्थ समझने के बजाय पूरे वाक्य और विषय का भाव समझने पर ध्यान देना अधिक प्रभावी होता है। नियमित पढ़ने और सुनने की आदत से अंग्रेजी भाषा पर पकड़ मजबूत की जा सकती है।

बैंड स्कोर बताए अंग्रेजी स्तर

आईईएलटीएस की परीक्षा में 0 से 9 बैंड के स्केल पर अंग्रेजी भाषा की क्षमता का आकलन किया जाता है। सुनना, पढ़ना, लिखना और बोलना-चारों भागों में अलग-अलग बैंड स्कोर मिलता है। परीक्षा के बाद मिलने वाली रिपोर्ट में प्रत्येक भाग का स्कोर और समग्र बैंड स्कोर दिया जाता है। इस एग्जाम में कोई पास या फेल नहीं होता, बल्कि बैंड स्कोर उम्मीदवार की अंग्रेजी दक्षता का स्तर बताता है।

लेखन पर भी दें ध्यान

लेखन में उत्तर को सही और व्यवस्थित तरीके से लिखना जरूरी है। अपने विचारों को स्पष्ट पैराग्राफ में लिखें और जरूरत पड़ने पर उदाहरण देकर अपनी बात समझाएं। व्याकरण, शब्दों का सही चयन, वर्तनी और वाक्य रचना पर भी ध्यान देना चाहिए। लगातार लिखने का अभ्यास करने से अपनी गलतियों को पहचानना और उनमें सुधार करना आसान हो जाता है।
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