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Haryana Institutes: आईसीएआर संस्थानों में कर्मचारियों की कमी? इन छह संस्थानों में 824 में से 434 पद खाली

Sat, 15 Aug 2026 02:38 PM IST
Shahin Praveen आशीष वर्मा

सार

ICAR: केंद्रीय कृषि अनुसंधान परिषद के हरियाणा स्थित छह संस्थानों में प्रशासनिक पदों की बड़ी संख्या खाली है। इन संस्थानों में कुल 824 पदों में से 434 पद रिक्त हैं, यानी करीब हर दूसरा पद खाली है।
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Haryana Institutes - फोटो : AI
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Haryana Institutes: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के कृषि और पशुधन अनुसंधान से जुड़े हरियाणा के छह प्रमुख संस्थानों में प्रशासनिक संवर्ग के बड़ी संख्या में पद खाली हैं। करनाल और हिसार स्थित इन संस्थानों में प्रशासनिक संवर्ग के कुल 824 स्वीकृत पदों में से 434 रिक्त हैं। यानी हर दूसरा पद खाली है। इसका असर प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ शोध गतिविधियों की कार्यक्षमता पर भी पड़ रहा है। लंबे समय से पद रिक्त रहने के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है।

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हालांकि, संस्थानों के अधिकारियों का कहना है कि अनिवार्य और प्राथमिकता वाले शोध कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए उपलब्ध मानव संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जा रहा है। जहां कर्मचारियों की कमी है, वहां उपलब्ध स्टाफ को प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न कार्यों में लगाया जा रहा है। राज्यसभा में केंद्र सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार करनाल स्थित भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) में 54 स्वीकृत पदों में से 27 रिक्त हैं।

शोध संस्थानों में पदों का खाली होना और भरना एक सतत

राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएजीआर) में 25 में से 14 पद खाली हैं। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) में 513 स्वीकृत पदों में से 255 रिक्त पड़े हैं। हिसार स्थित केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान (सीआईआरबी) में 90 में से 45 पद खाली हैं, जबकि राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (एनआरसी इक्वाइंस) में 39 स्वीकृत पदों में से 19 रिक्त हैं। करनाल स्थित केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान (सीएसएसआरआई) में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है। यहां 103 स्वीकृत पदों में से 74 पद
रिक्त हैं। सीएसएसआरआई के निदेशक डॉ. सतीश कुमार सनवाल का कहना है कि शोध संस्थानों में पदों का खाली होना और उन्हें भरना एक सतत प्रक्रिया है।

छह संस्थान नहीं, पूरे आईसीएआर है में रिक्तियों का बड़ा संकट

केंद्र सरकार के अनुसार, केवल हरियाणा के संस्थान ही नहीं, बल्कि आईसीएआर स्तर पर भी तकनीकी, प्रशासनिक और कार्मिक संवर्ग में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। आईसीएआर में स्वीकृत 6,216 तकनीकी पदों में से 2,548 पद, यानी करीब 41 प्रतिशत, खाली हैं। इसी तरह 9,757 प्रशासनिक पदों में से 5,205 पद, यानी लगभग 53 प्रतिशत, रिक्त हैं। कार्मिक संवर्ग के 6,586 स्वीकृत पदों में से 1,053 पद भी खाली हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि आईसीएआर में मानव संसाधन की कमी तीनों प्रमुख संवर्गों में बनी हुई है। इसका असर प्रशासनिक कार्यक्षमता के साथ-साथ अनुसंधान और उससे जुड़ी गतिविधियों पर भी पड़ने की आशंका है।

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