UoH: हैदराबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ ने विश्वविद्यालय की सीमा से सटी 400 एकड़ जमीन पर विकास कार्य करने की तेलंगाना सरकार की योजना के खिलाफ जारी अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन और कक्षाओं के बहिष्कार को समाप्त कर दिया है। यह फैसला तब लिया गया जब उच्चतम न्यायालय ने अगले आदेश तक इस भूमि से जुड़ी किसी भी गतिविधि पर रोक लगा दी।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद तेलंगाना सरकार ने विश्वविद्यालय के समीप भूमि के संबंध में समाधान खोजने के लिए विश्वविद्यालय की कार्यकारी समिति, नागरिक समाज समूहों, छात्रों और अन्य हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करने हेतु मंत्रियों की एक समिति गठित करने का निर्णय लिया।
यूओएच के छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया।
यूओएच छात्र संघ के अध्यक्ष उमेश अंबेडकर ने कहा कि संघ तब तक अपनी लड़ाई जारी रखेगा जब तक कि भूमि की नीलामी की प्रस्तावित योजना रद्द नहीं हो जाती और 400 एकड़ का पूरा भूखंड आधिकारिक रूप से विश्वविद्यालय के नाम पर पंजीकृत नहीं हो जाता।
आकाश कुमार ने बताया कि यूओएच के छात्र विश्वविद्यालय के पूर्वी परिसर (विवादित 400 एकड़ भूमि का स्थल) और परिसर के अन्य हिस्सों से पुलिसकर्मियों को हटाने की भी मांग कर रहे हैं और इस संबंध में उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है।