मानव संसाधन विकास मंत्रालय विश्वविद्यालयों से शोध कराना चाहता है कि कैसे भारत ने 1918 के स्पेनिश फ्लू पर नियंत्रण पाया था। मंत्रालय चाहता है कि विश्वविद्यालय यह भी शोध करें कि स्पेनिश फ्लू के दौरान अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए क्या उपाय किए गए थे। एचआरडी मंत्रालय ने विश्वविद्यालयों को इसके लिए शोध टीम सेटअप करने की सलाह दी है। एचआरडी मंत्रालय ने विश्वविद्यालयों को यह भी कहा है कि वे अपने परिसरों के पास के गांवों में कोविड-19 के बारे में जागरुकता के स्तर का अध्ययन करें।
इस बात की जानकारी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है। गौरतलब है कि इस वक्त देश में कोरोना वायरस से बचाव के लिए दूसरे चरण का लॉकडाउन चल रहा है, जो कि तीन मई तक है। देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। संक्रमित मरीजों की संख्या 24942 पहुंच गई है। जबकि इस विषाणु से मरने वाले लोगों की संख्या 779 पहुंच गई है।
एचआरडी मंत्रालय चाहता है कि विश्वविद्यालय कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में योगदान दें। इस विषाणु के प्रति गांवों में जागरुकता के स्तर के साथ ही 1918 की स्पेनिश फ्लू महामारी के वक्त अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और इस पर नियंत्रण पाने के लिए क्या कदम उठाए गए थे, इस पर शोध किया जाए। विश्वविद्यालय अध्ययन करें कि गांवों में जागरुकता का स्तर क्या है और कोविड-19 से पैदा हुई चुनौतियों का सामना कैसे किया जा रहा है।