देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 506 से ज्यादा पहुंच गई है और मरने वालों की संख्या 10 हो गई है। इस बीच देशभर के नवोदय विद्यालयों के खाली छात्रावासों को चिकित्सा केंद्रों के तौर पर इस्तेमाल करने का निर्देश जारी हुआ है।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नवोदय विद्यालयों को अपने खाली छात्रावासों को संबंधित जिला प्रशासनों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, ताकि इन छात्रावासों का इस्तेमाल चिकित्सा केंद्रों के तौर पर किया जा सके।
शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ का कहना है कि मौजदा स्थिति को देखते हुए नवोदय विद्यालय के आयुक्त को सलाह दी है कि खाली छात्रावासों को संबंधित जिला प्रशासनों को उपलब्ध कराएं ताकि कोविड-19 महामारी के खिलाफ जंग में मदद मिल सके। आपको बता दें कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप की वजह से जवाहर नवोदय विद्यालयों ने अपनी गर्मियों की छुट्टियों को पहले ही घोषित कर दिया था।
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ये विद्यालय 21 मार्च से लेकर 21 मई तक बंद कर दिए गए हैं और ऐसे में इनके खाली पड़े छात्रावासों का इस्तेमाल कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए चिकित्सा केंद्रों के रूप में इस्तेमाल करने के निर्देश जारी हुए हैं। जेएनवी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्वायत्त संस्थान हैं। इन संस्थानों का संचालन मानव संसाधन मंत्रालय के तहत आने वाली स्वायत्त संस्था नवोदय विद्यालय समिति करती है। आपको बता दें कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए देशभर के कई राज्यों में लॉक डाउन किया गया है और कई राज्यों में कर्फ्यू लगाया गया है ताकि लोग अपने ही घरों में रहें और घरों से बाहर न निकलें। स्कूल और कॉलेजों को पहले से ही बंद कर दिया गया है और परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।